जल संरक्षण को लेकर कदम तमिलनाडु में 2027 से जलाशयों में गणेश विसर्जन पर रोक
गणेश विसर्जन
तमिलनाडु सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को जानकारी दी है कि साल 2027 से जलाशयों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया जाएगा। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाने की बात कही है। राज्य सरकार ने बताया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान जल स्रोतों को होने वाले संभावित नुकसान को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कई बार जलाशयों में प्रदूषण की समस्या सामने आती है। प्रतिमाओं में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, रंग और अन्य पदार्थ पानी की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। इसी को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण से जुड़े उपायों पर जोर दिया जा रहा है।
NGT के सामने रखा गया पक्ष
तमिलनाडु सरकार की ओर से यह जानकारी NGT के समक्ष रखी गई। ट्रिब्यूनल पर्यावरण से जुड़े मामलों की निगरानी करता है और जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर दिशा-निर्देश जारी करता रहा है। सरकार ने विसर्जन के लिए वैकल्पिक स्थानों और व्यवस्थाओं पर काम करने की बात कही है।
वैकल्पिक व्यवस्था पर होगा काम
नई व्यवस्था के तहत लोगों को प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा सकती है। इससे धार्मिक परंपराओं के पालन के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
जल स्रोतों की सुरक्षा का लक्ष्य
जलाशय, झील और अन्य जल स्रोत पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण हैं। सरकार का कहना है कि इनकी स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। गणेश उत्सव जैसे बड़े आयोजनों के दौरान पर्यावरण अनुकूल तरीके अपनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।