शक संवत 1948, भाद्रपद, शुक्ल, षष्ठी, गुरुवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 17 सितंबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, शरद ऋतु। राहुकाल दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक। षष्ठी तिथि प्रातः 10 बजकर 47 मिनट तक उपरांत सप्तमी तिथि का आरंभ।
अनुराधा नक्षत्र सायं 07 बजकर 53 मिनट तक उपरांत ज्येष्ठा नक्षत्र का आरंभ। विष्कुम्भ योग दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक उपरांत प्रीति योग का आरंभ। तैतिल करण प्रातः 10 बजकर 47 मिनट तक उपरांत गरज करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन-रात वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:07 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:24 बजे
चंद्रोदय का समय: दोपहर 12:01 बजे
चंद्रास्त का समय: रात्रि 10:03 बजे
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: सिंह राशि में (प्रातः 07:58 बजे तक), फिर कन्या राशि में प्रवेश
चन्द्र देव: वृश्चिक राशि में स्थित हैं
आज का शुभ मुहूर्त 17 सितंबर 2026 :
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।
अमृत काल : प्रातः 08 बजकर 24 मिनट से प्रातः 10 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।
आज का चौघड़िया मुहूर्त 17 सितंबर 2026 :
शुभ (उत्तम) : सुबह 06 बजकर 07 मिनट से 07 बजकर 39 मिनट तक।
रोग (सामान्य) : सुबह 07 बजकर 39 मिनट से 09 बजकर 11 मिनट तक।
उद्वेग (अशुभ) : सुबह 09 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक।
चर (सामान्य) : सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 15 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 17 सितंबर 2026 :
राहुकाल : दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
गुलिक काल : सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
यमगंड : सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
आज का उपाय : आज गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें, केले के वृक्ष में जल अर्पित करें और चना दाल या हल्दी का दान करें।