Mata Kaalratri Aarti: नवरात्रि के सातवें दिन माता कालरात्रि की आरती करें और इस मंत्र का जाप करें
Mata Kaalratri Aarti: इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर 2025 को हुई थी, जिसका समापन 2 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ होगा. नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. मां कालरात्रि को मां दुर्गा का विकराल रूप बताया गया है. मान्यता है कि नवरात्रि के सातवें दिन सभी नियमों का पालन करते हुए पूजा-पाठ और आरती करने से माता प्रसन्न होती हैं और आशीर्वाद प्रदान करती हैं|
मां कालरात्रि की आरती:
जय जय अम्बे जय कालरात्रि.
कालरात्रि जय-जय-महाकाली .
काल के मुह से बचाने वाली ॥
दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा .
महाचंडी तेरा अवतार ॥
पृथ्वी और आकाश पे सारा .
महाकाली है तेरा पसारा ॥
खडग खप्पर रखने वाली .
दुष्टों का लहू चखने वाली ॥
कलकत्ता स्थान तुम्हारा .
सब जगह देखूं तेरा नजारा ॥
सभी देवता सब नर-नारी .
गावें स्तुति सभी तुम्हारी ॥
रक्तदंता और अन्नपूर्णा .
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना ॥
ना कोई चिंता रहे बीमारी .
ना कोई गम ना संकट भारी ॥
उस पर कभी कष्ट ना आवें .
महाकाली मां जिसे बचाबे ॥
तू भी भक्त प्रेम से कह .
कालरात्रि मां तेरी जय ॥
जय जय अम्बे जय कालरात्रि.
मां कालरात्रि मंत्र :
प्रार्थना मंत्र:
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता.
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा.
वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥