Magh Purnima 2026 :माघ पूर्णिमा कब है? माघ मेले का होगा चौथा प्रमुख स्नान, व्रत रखने की तारीख भी जान लें
Magh Purnima 2026 : हिंदू धर्म में माघ महीने को बहुत पवित्र माना गया है. इस पूरे महीने में पवित्र नदियों में स्नान करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है. इस दौरान प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर माघ मेला लगता है. साथ ही कुछ खास तिथियों पर माघ मेले में विशेष स्नान होते हैं, जिन्हें स्नान तिथि कहते हैं. पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, माघी अमावस्या के बाद माघ पूर्णिमा पर भी विशेष स्नान होता है. यह माघ मेले की चौथी प्रमुख स्नान तिथि होती है. इसके अलावा माघ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा होती है. पूर्णिमा व्रत रखा जाता है और दान-पुण्य होता है. इस साल माघ पूर्णिमा कब है, यह किन दुर्लभ संयोग में पढ़ रही है और इस दिन क्या करना चाहिए? जानिए इन सभी सवालों के जवाब|
माघ पूर्णिमा किस तारीख को है?
पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 फरवरी को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर होगी और 2 फरवरी को तड़के सुबह 03 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा मनाई जाएगी. इसी दिन पूर्णिमा व्रत रखा जाएगा. वहीं माघी पूर्णिमा का चंद्रोदय शाम 06 बजकर 02 मिनट पर होगा|
माघ पूर्णिमा पर शुभ योग:
माघ पूर्णिमा पर कई शुभ योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. 1 फरवरी 2026 को सुबह 07:10 बजे से ही रवि पुष्य योग प्रारंभ होगा जो रात 11 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. इस दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा. साथ ही माघ पूर्णिमा पर प्रीति और आयुष्मान योग का भी संयोग बन रहा है. इन शुभ योगों में माघ पूर्णिमा का व्रत रखना और विष्णु जी व लक्ष्मी जी की पूजा करना, गंगा स्नान करना सारी मनोकामनाएं पूरी करेगा|
माघ पूर्णिमा की सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान करें. फिर भगवान लक्ष्मी नारायण को प्रणाम करके व्रत का संकल्प लें. सूर्य देव को जल चढ़ाएं. फिर विधि-विधान से पूर्णिमा की पूजा करें. विष्णु जी और लक्ष्मी जी की आरती करें. रात में चंद्र देव को अर्घ्य दें. गरीबों को दान जरूर दें|