Magh Mela Snan 2026: माघ मेला का तीसरा प्रमुख स्नान आज

Update: 2026-01-18 02:07 GMT
Magh Mela Snan 2026:आज माघ मेला का तीसरा मुख्य स्नान किया जाएगा। आज मौनी अमावस्या है और हिंदू धर्म में यह दिन स्नान-दान के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण मानी जाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन गंगा का जल अमृतमय हो जाता है। आपको बता दें कि प्रयागराज में हर साल माघ माह में संगम किनारे माघ मेले का आयोजन किया जाता है। इस में मेले में दूर-दूर से भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मौनी अमावस्या स्नान महत्व:
माघ मेले में सबसे प्रमुख स्नान मौनी अमावस्या का ही माना जाती है। इस दिन भारी संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी (गंगा, यमुना और सरस्वती) नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं। मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने से भक्तों के सभी पाप मिट जाते हैं और उन्हें पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। मौनी अमावस्या को मौनी अमावस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मौन व्रत करने का भी विधान है। मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।
मौनी अमावस्या 2026 स्नान-दान मुहूर्त:
अमावस्या तिथि प्रारंभ- जनवरी 18, 2026 को 12:03 ए एम बजे
अमावस्या तिथि समाप्त - जनवरी 19, 2026 को 01:21 ए एम बजे
ब्रह्म मुहूर्त - 05:27 AM से 06:21 AM
अभिजित मुहूर्त - 12:10 PM से 12:53 PM
सर्वार्थ सिद्धि योग - 10:14 AM से 07:14 AM, जनवरी 19
प्रयागराज की ही वो धरती है जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम हुआ है। तीनों पवित्र नदियों के संगम की वजह से ही यहां स्नान-दान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। कहते हैं कि 45 दिनों तक लगने वाले इस मेले में व्यक्ति दान, पुण्य कर के अपने पाप कर्मों से मुक्ति पा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ माह में गंगा स्नान करने से व्यक्ति जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। माघ माह में स्नान-दान के अलावा पूजा-पाठ, यज्ञ, जप और होम का खास महत्व है। ऐसा करने से समस्त देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
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