Lord Shiva Worship: आज सोमवार को बन रहा है शुभ योग, ऐसे करें पूजा पाएं शिव का आशीर्वाद
Lord Shiva Worship: नवंबर माह का पहला प्रदोष व्रत सोमवार को रखा जाएगा। सोमवार को भगवान शिव का दिन माना जाता है। इसलिए इस दिन प्रदोष व्रत पड़ने से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
सोमवार की पूजा से शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें:
यह व्रत पूर्णतः भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन भक्ति भाव से शिव की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। भक्त को उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
प्रदोष व्रत के दिन सूर्यास्त के बाद शिव पूजा का विशेष महत्व है। इस समय शिवलिंग पर जल चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है और जीवन से रोग, तनाव और दुख जैसी समस्याएं दूर होती हैं। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष का यह प्रदोष व्रत 3 नवंबर को रखा जाएगा।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 3 नवंबर को सुबह 5:07 बजे शुरू होगी और 4 नवंबर को सुबह 2:05 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, प्रदोष व्रत 3 नवंबर को रखा जाएगा।
प्रदोष व्रत पर शिव पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त शाम 5:34 बजे से रात 8:11 बजे तक रहेगा। अमृत चौघड़िया शाम 4:12 बजे से शाम 5:34 बजे तक, चल चौघड़िया शाम 5:34 बजे से शाम 7:12 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 5:34 बजे से शाम 6:00 बजे तक है। इन शुभ मुहूर्तों में भगवान शिव की पूजा करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।
प्रदोष व्रत पूजा के लिए सबसे पहले एक पाटे पर लाल कपड़ा बिछाएँ। उस पर भगवान शिव और पूरे शिव परिवार की मूर्ति या चित्र रखें। अब शिवलिंग का जल, दूध और शहद से अभिषेक करें। इसके बाद चंदन का लेप लगाएँ और भगवान शिव, देवी पार्वती, गणेश और कार्तिकेय को फूलों की माला पहनाएँ। पूजा के दौरान देवी पार्वती को चूड़ियाँ, सिंदूर या लाल दुपट्टा अर्पित करें।
भगवान शिव को बेलपत्र और शमी के फूल चढ़ाएँ। फिर शुद्ध घी का दीपक जलाएँ और मिठाई का भोग लगाएँ। इसके बाद भगवान शिव की आरती करें और सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें। पूजा के अंत में दान या भेंट अर्पित करें। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।