Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ माना जाता है। महिलाएं पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। इस व्रत को करने से सुखमय दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है। इसे कठिनतम व्रतों में से एक माना जाता है, क्योंकि इस दिन निर्जला उपवास रखा जाता है। हरतालिका तीज व्रत की शुरुआत से पहले सरगी करने का विधान है। वहीं इस व्रत का समापन पारण के साथ किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल हरतालिका तीज व्रत के लिए सरकी का शुभ समय क्या रहने वाला है और इस दौरान किन चीजों का सेवन करना चाहिए।
सरगी में क्या खाएं क्या नहीं?
तीज और करवा चौथ जैसे उपवासों में सरगी का बड़ा महत्व माना जाता है। सरगी के साथ ही व्रत का आरंभ होता है, जिसमें मिष्ठान, मेवा होता है। इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है, जिसके बाद व्रत शुरू होता है।
सरगी में नमक युक्त भोजन से बचना चाहिए। सरगी में आप ताजे मौसमी फल, जूस, नारियल पानी मेवे, मिठाई, खीर आदि ले सकती हैं।
सरगी करने से पहले महिलाओं को स्नान आदि करके भगवान के समक्ष हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
हरतालिका तीज सरगी का समय:
हरतालिका तीज व्रत में सरगी के लिए ब्रह्म मुहूर्त को सबसे शुभ माना जाता है। आप भोर में सूर्योदय से पहले सरगी कर सकती हैं। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:27 बजे से 5:12 बजे तक रहने वाला है। इस दौरान आप सरगी ग्रहण कर सकती हैं। इसके असला हरतालिका तीज व्रत का पारण चतुर्थी तिथि पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में किया जाता है।
हरतालिका तीज पर महिलाएं मिट्टी से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर उन्हें पूजती हैं। यही नहीं पति की लंबी उम्र, तरक्की, सेहत, संतान प्राप्ति के लिए निर्जला व्रत भी रखती है, जिसका पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यह दिन शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक है, इसलिए उनकी उपासना रिश्तों में समझ, विश्वास और प्रेम का संचार होता है।