Falgun Pradosh Vrat 2025: फाल्गुन मास के पहले प्रदोष व्रत में क्या खाएं और क्या न खाएं, कैसे पूरा होगा व्रत
Falgun Pradosh Vrat 2025: धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का व्रत और पूजन करने से जीवन की सारी परेशानियां दूर जाती हैं. इस दिन व्रत और पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है. हालांकि प्रदोष व्रत रखने के कुछ नियम हिंदू धर्म शास्त्रों में बताए गए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है. ऐसे में आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत के दिन क्या खाना और क्या खाना चाहिए और प्रदोष व्रत कैसे पूर्ण होगा|
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 25 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 47 मिनट पर होगी . वहीं इस तिथि का समापन26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में 25 फरवरी को फाल्गुन माह का पहला प्रदोष व्रत रखा जाएगा|
प्रदोष व्रत के दिन क्या खाएं-
प्रदोष व्रत पूर्ण उपवास या फालाहारी दोनों ही तरीके से रखा जा सकता है. फलाहारी व्रत रखने वाले संतरा, केला, सेब समेत आदि चीजें खा सकते हैं. हरा मूंग खा सकते हैं. साथ ही दूध, दही, सिंघाड़े का हलवा, साबूदाना की खिचड़ी, कुट्टू के आटे की पूड़ी भी इस व्रत में खा सकते हैं. इसके अलावा इस व्रत में नारियल पानी और समा चावल की खीर भी खाई जा सकती है|
व्रत में क्या खाना वर्जित-
प्रदोष व्रत के दिन लहसुन और प्याज लहसून, प्याज और मांसाहार भूलकर भी नहीं खाना चाहिए. शराब नहीं पीनी चाहिए. व्रत के दौरान गेहूं और चावल खाने से बचना चाहिए. लाल मिर्च और सादा नमक भी नहीं खाना चाहिए. मान्यता है कि इन चीजों को खाने से व्रत खंडित हो जाता है, जिससे भगवान भोलेनाथ नाराज हो सकते हैं|
प्रदोष व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठना चाहिए. फिर स्नान करके साफ सफेद वस्त्र पहनने चाहिए. इसके बाद पूजा घर साफ और शुद्ध करना चाहिए. इसके बाद विधि पूर्वक शिव जी की पूजा करनी चाहिए. प्रदोष व्रत की कथा सुननी चाहिए. पूरे दिन फालाहारी व्रत रखना चाहिए. शाम को प्रदोष काल में पूजा करके ही फलाहार करना चाहिए. अगले दिन स्नान और पूजा-पाठ करके व्रत का पारण करना चाहिए|