Diwali 2025: दिवाली की रात करें ये तीन रहस्यमयी साधनाएं, मिलेगी मां लक्ष्मी और कुबेर भगवान की कृपा
Diwali 2025: आज दिवाली के अवसर पर देवी लक्ष्मी की पूजा की जाएगी। हालाँकि, दिवाली की अमावस्या की रात को तीन प्रमुख साधनाओं के माध्यम से देवी लक्ष्मी, कुबेर और देवी काली की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है।
दिवाली 2025 अमावस्या साधना:
दिवाली की रात की जाने वाली तीसरी साधना कुबेर साधना है। कुबेर न केवल धन के देवता हैं, बल्कि ऊर्जा प्रबंधन के देवता भी हैं। कुबेर साधना करते समय ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। कुबेर साधना करने से जीवन में धीरे-धीरे समृद्धि आती है। साथ ही, धन की कभी कमी नहीं होती।
दिवाली की तीन रहस्यमय साधनाओं में से पहली महालक्ष्मी साधना है, जो दिवाली की अमावस्या की रात को की जाती है। दरअसल, अमावस्या की रात को ब्रह्मांडीय ऊर्जाएँ दक्षिण दिशा में प्रवाहित होती हैं, जिससे धन और दैवीय शक्तियों को आकर्षित करना बहुत आसान हो जाता है। इस साधना में 108 दीपक जलाकर लक्ष्मी गायत्री मंत्र का जाप किया जाता है। अमावस्या पर चांदनी मंद होने से मन शांत होता है और इच्छाशक्ति प्रबल होती है।
दिवाली की दूसरी साधना को काली साधना कहते हैं, जो अंधकार से नहीं, बल्कि हमारे भीतर की नकारात्मक ऊर्जा से लड़ने में मदद करती है। जब हम ॐ क्रीं कालिकाय नमः मंत्र का जाप करते हैं, तो हम अपने अवचेतन मन के अंधकार को पहचानकर उस पर विजय प्राप्त करते हैं।
ये तीनों साधनाएँ दिवाली के दिन किसी गुरु के मार्गदर्शन में ही करनी चाहिए। बिना गुरु के इन साधनाओं को करने से विपरीत प्रभाव पड़ सकते हैं। इसके अतिरिक्त, दिवाली के दिन सच्चे मन से प्रार्थना करें और ज़रूरतमंदों को कपड़े और मिठाई दान करें। इन सरल उपायों से भी देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।