Chhath Puja Arghya Mantra: लोक आस्था का महापर्व छठ चल रहा है। यह महापर्व भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित है। छठ पर्व के दौरान भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा की जाती है। इस दौरान देवी-देवताओं की पूजा के साथ-साथ लगभग 36 घंटे का उपवास भी रखा जाता है। शाम को डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य और सुबह उगते सूर्य को उषा अर्घ्य दिया जाता है।
कल छठ पूजा का पहला दिन था। आज इस महापर्व का दूसरा दिन है। कल, 27 अक्टूबर को संध्या अर्घ्य और परसों, 28 अक्टूबर को उषा अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद इस महापर्व का समापन होगा। छठ पर्व के दौरान सूर्य देव को अर्घ्य देते समय कुछ मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आइए इन मंत्रों के बारे में जानें।
सूर्य मंत्र (सामान्य):
ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्। ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्यं सहस्त्रकिरणराय मनोवांछित फल देहि स्वाहा।
इस मंत्र का जाप करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है। साथ ही सूर्य देव से समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद भी मिलता है।
सूर्य बीज मंत्र:
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ॐ घृणिः सूर्याय नमः
इस मंत्र का जाप करने से रुके हुए काम बनने लगते हैं। जीवन में सफलता के नए रास्ते खुलते हैं।
सूर्य गायत्री मंत्र:
आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्।
इस मंत्र के जाप से जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है। साथ ही मानसिक शांति भी मिलती है।
सूर्य आदित्य हृदय स्तोत्र मंत्र:
ॐ अस्य आदित्यहृदय स्तोत्रस्य अगस्त्यऋषः अनुष्टपंधः आदित्यहृदयभूतो भगवान ब्रह्मा देवता पितृशेषविघ्नताया ब्रह्माविद्यासिद्धौ सर्वार्त जयसिद्धौ च विनियोगः।
इस मंत्र का जाप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है। मंत्र का जाप करने से पिता-पुत्र के रिश्ते बेहतर होते हैं। घर में शांति रहती है.
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