नई दिल्‍ली: हर सप्‍ताह, महीने और साल के कुछ दिन ऐसे होते हैं जो धर्म-ज्‍योतिष के लिहाज से बहुत महत्‍वपूर्ण होते हैं. इन दिनों में देवी-देवताओं से लेकर ग्रहों तक की कृपा बरसती है और व्‍यक्ति को अपने जीवन से तमाम परेशानियों को दूर करके सुख-समृद्धि लाने का मौका मिलता है. फाल्‍गुन महीने के शुक्‍ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी भी ऐसा ही एक खास दिन है. इसे आमलकी एकादशी कहते हैं और इस दिन भगवान विष्‍णु के साथ मां लक्ष्‍मी की भी पूजा करना चाहिए. इस साल 14 मार्च 2022, सोमवार को आमलकी एकादशी है.

मिलती है खूब धन-संपत्ति
आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्‍णु-माता लक्ष्‍मी के अलावा आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है इसलिए इसे आमलकी एकादशी कहते हैं. ऐसा करने से भगवान‍ विष्‍णु और मां लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होकर सुख-समृद्धि देते हैं. घर में हमेशा बरकत रहती है. महिलाएं इस दिन व्रत भी रखती हैं. यदि इस दिन कुछ उपाय भी कर लिए जाएं तो मां लक्ष्‍मी की कृपा से अपार पैसा मिलता है.
- आमलकी एकादशी के दिन 21 ताजे पीले फूलों की माला भगवान विष्‍णु को अर्पित करें. पूजा के बाद उन्‍हें दूध या खोए से बनी मिठाई का भोग लगाएं. इससे विष्‍णु जी प्रसन्‍न होकर हर काम में सफलता देते हैं.
- आमलकी एकादशी की सुबह मां लक्ष्‍मी की विधि-विधान से पूजा करें और उन्‍हें एकाक्षी नारियल जरूर अर्पित करें. फिर पूजा के बाद इस नारियल को पीले कपड़े में बांध कर धन स्‍थान पर रख लें, कुछ ही समय में आर्थिक स्थिति बेहतर होने लगेगी.
- आमलकी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा करें, जल चढ़ाएं, हर काम में सफलता देने की प्रार्थना करें. संभव हो तो उस दिन आंवले का सेवन करें, ऐसा करने से भाग्‍य वृद्धि होती है
- आमलकी एकादशी सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास है. यदि किसी वजह से पति-पत्नी के बीच मनमुटाव हो गया हो या पति को किसी काम में सफलता न मिल रही हो तो पत्‍नी इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा कर पेड़ पर सात बार सूत का धागा लपेटें और घी का दीया जलाएं. उनकी मनोकामना पूरी हो जाएगी.
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