Skanda Shashthi ज्योतिष न्यूज़ : हिंदू धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है लेकिन स्कंद षष्ठी को खास बताया गया है जो कि शिव पार्वती के पुत्र कार्तिकेय को समर्पित होता है इस दिन उपवास रखकर भगवान की विधिवत पूजा की जाती है पंचांग के अनुसार स्कंद षष्ठी का व्रत हर माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर किया जाता है।
मान्यता है कि इस पावन दिन पर भगवान कार्तिकेय की पूजा अर्चना और व्रत करने से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और सुख में वृद्धि होती है इस बार स्कंद षष्ठी का व्रत आज यानी 3 फरवरी दिन सोमवार को किया जा रहा है तो आज हम आपको पूजा की सरल विधि बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।
स्कंद षष्ठी की सरल पूजा विधि—
आपको बता दें कि स्कंद षष्ठी के दिन सुबह उठकर स्नान आदि करें इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण करें और व्रत पूजा का संकल्प करें। अब पूजा स्थल पर भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद भगवान को गंगा जल से स्नान कराएं और चंदन, रोली से तिलक करें। भगवान कार्तिकेय के सामने दीपक और धूप जलाएं।
पूजा के दौरान भगवान को फल, पुष्प, मिठाई और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद स्कंद षष्ठी व्रत कथा का पाठ करें। भगवान कार्तिकेय के ॐ षडानन स्कन्दाय नमः मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें। आप इस दिन उपवास भी रख सकते हैं या फिर सात्विक भोजन ही करें। भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा की तीन बार परिक्रमा करें। रात में भगवान की आरती करके फलाहार करना चाहिए और गरीबों व जरूरतमंदों को दान दें।