शक संवत 1948, श्रावण, कृष्ण, चतुर्थी, रविवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 02 अगस्त सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल सायं 05 बजकर 30 मिनट से सायं 07 बजकर 00 मिनट तक। चतुर्थी तिथि रात्रि 11 बजकर 15 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ।
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रात्रि 09 बजकर 37 मिनट तक उपरांत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ। अतिगण्ड योग रात्रि 10 बजकर 30 मिनट तक उपरांत सुकर्मा योग का आरंभ। बव करण प्रातः 11 बजकर 14 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा दोपहर 03 बजकर 26 मिनट तक कुंभ राशि पर उपरांत मीन राशि पर संचार करेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05:43 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 07:11 बजे
चंद्रोदय का समय: रात्रि 09:24 बजे
चंद्रास्त का समय: प्रातः 08:52 बजे (03 अगस्त)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कर्क राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: कुंभ राशि में (दोपहर 03:26 बजे तक), फिर मीन राशि में प्रवेश
आज का शुभ मुहूर्त 02 अगस्त 2026 :
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
अमृत काल : का समय दोपहर 01 बजकर 19 मिनट से दोपहर 02 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।
आज का चौघड़िया मुहूर्त 02 अगस्त 2026 :
उद्वेग (सामान्य) : सुबह 05 बजकर 43 मिनट से 07 बजकर 24 मिनट तक।
चर (सामान्य) : सुबह 07 बजकर 24 मिनट से 09 बजकर 05 मिनट तक।
लाभ (उन्नति) : सुबह 09 बजकर 05 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक।
अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 02 अगस्त 2026 :
राहुकाल : सायं 05 बजकर 30 मिनट से 07 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
गुलिक काल : दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से 05 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
यमगंड : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026
चंद्रोदय समय: रात 09:24 बजे
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 01 अगस्त, रात 11:07 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त: 02 अगस्त, रात 11:15 बजे
आज का उपाय : आज रविवार के दिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और लाल चंदन का तिलक लगाएं।