Akshaya Tritiya 2025: सोना नहीं खरीद पा रहे हैं तो ये 5 चीजें खरीदने से भी मिलेगी मां लक्ष्मी की कृपा
Akshaya Tritiya 2025: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना जाता है। इसे अबूझ मुहूर्त कहा जाता है, यानी इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना पंचांग या मुहूर्त देखे किया जा सकता है। परंपरा के अनुसार, इस दिन सोने के आभूषण खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। हालांकि, अगर आप सोना खरीदने में असमर्थ हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं। कुछ अन्य चीजें भी हैं, जिन्हें खरीदकर आप अक्षय तृतीया के पुण्यफल का लाभ उठा सकते हैं।
सोने के विकल्प के रूप में क्या खरीद सकते हैं?
इस पावन अवसर पर जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य बढ़ाने के लिए आप निम्नलिखित वस्तुएं खरीद सकते हैं:
मिट्टी के बर्तन: मंगल ग्रह को बल देने वाले ये बर्तन कर्जमुक्ति में सहायक माने जाते हैं।
पीली सरसों: घर से दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए पीली सरसों का विशेष महत्व है।
हल्दी की गांठ: गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए हल्दी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।
रूई: शुक्र ग्रह को सशक्त बनाती है और माता लक्ष्मी की कृपा पाने का एक उत्तम साधन है।
पीली कौड़ी: धन, वैभव और संपत्ति में वृद्धि के लिए पीली कौड़ी को अत्यंत फलदायी माना गया है।
इन वस्तुओं का खरीदना ग्रहों के दोषों को दूर करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
अक्षय तृतीया पर विशेष उपाय
इस दिन अगर आप चाहते हैं कि सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वास आपके जीवन में स्थायी रूप से बना रहे, तो आदि शंकराचार्य द्वारा रचित ‘कनकधारा स्तोत्र’ का पाठ अवश्य करें। कहा जाता है कि इस स्तोत्र के प्रभाव से देवी लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं और घर में अक्षय संपत्ति का संचार होता है।
नकारात्मकता को कैसे करें दूर?
पीली सरसों और पीली कौड़ी का प्रयोग कर आप जीवन से दरिद्रता और नकारात्मक शक्तियों को दूर कर सकते हैं। घर के मुख्य द्वार पर सरसों के दाने छिड़कने और पूजा स्थल पर पीली कौड़ी स्थापित करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
अक्षय तृतीया 2025 का शुभ मुहूर्त
इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व 29 अप्रैल 2025 को शाम 5:31 बजे आरंभ होगा और 30 अप्रैल 2025 को दोपहर 2:12 बजे समाप्त होगा। मुख्य पूजा एवं खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5:31 मिनट से शुरू होकर सुबह 11:55 मिनट तक रहने वाला है।