शक संवत 1948, श्रावण, शुक्ल, चतुर्थी, रविवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 16 अगस्त सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल शाम 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजकर 00 मिनट तक। चतुर्थी तिथि अगले दिन तड़के 04 बजकर 52 मिनट (17 अगस्त) तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ।
हस्त नक्षत्र अगले दिन तड़के 03 बजकर 50 मिनट (17 अगस्त) तक उपरांत चित्रा नक्षत्र का आरंभ। साध्य योग अगले दिन तड़के 04 बजकर 08 मिनट (17 अगस्त) तक उपरांत शुभ योग का आरंभ। विष्टि करण तड़के 04 बजकर 52 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात कन्या राशि पर संचार करेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05:51 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 07:00 बजे
चंद्रोदय का समय: प्रातः 09:23 बजे
चंद्रास्त का समय: रात्रि 09:02 बजे
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कर्क राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: कन्या राशि में स्थित हैं
आज का शुभ मुहूर्त 16 अगस्त 2026 :
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।
अमृत काल : का समय रात्रि 09 बजकर 44 मिनट से रात्रि 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा।
आज का चौघड़िया मुहूर्त 16 अगस्त 2026 :
Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण पर किन राशि वालों का बदलेगा समय और किसे मिलेगी टेंशन?
उद्वेग (सामान्य) : सुबह 05 बजकर 51 मिनट से 07 बजकर 29 मिनट तक।
चर (सामान्य) : सुबह 07 बजकर 29 मिनट से 09 बजकर 08 मिनट तक।
लाभ (उन्नति) : सुबह 09 बजकर 08 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक।
अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 10 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 16 अगस्त 2026 :
राहुकाल : शाम 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
गुलिक काल : दोपहर 03 बजकर 00 मिनट से शाम 04 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
यमगंड : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
आज का उपाय : आज रविवार के दिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और लाल फूल या गुड़ अर्पित करें।