अमेरिकी प्रतिबंधों से 'पिक्स' सिस्टम को खतरे की आशंका, ब्राजील ने जताई चिंता
साओ पाउलो: ब्राजील के वित्त मंत्री डारियो डुरिगन ने सोमवार को बताया कि वह इस हफ्ते अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में वे अपराधी संगठनों को 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूह' घोषित करने के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि ऐसा कदम उठाने से भविष्य में ब्राजील की आर्थिक संप्रभुता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, डुरिगन का कहना है कि ब्राजील के दो बड़े अपराधी गिरोहों, 'प्राइमिरो कमांडो दा कैपिटल' और 'कमांडो वर्मेलहो' को आतंकवादी घोषित करने से नई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। ऐसा करने से देश पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लग सकते हैं, जिसका बुरा असर ब्राजील की इंस्टेंट पेमेंट सर्विस यानी 'पिक्स' पर पड़ सकता है। इससे देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
सीबीएन रेडियो को दिए एक इंटरव्यू में डुरिगन ने चेतावनी दी कि अमेरिका के इस कदम का असर ब्राजील के वित्तीय संस्थानों पर पड़ सकता है और यहां तक कि 'पिक्स' के संचालन को भी खतरा हो सकता है।
डुरिगन ने कहा कि ये अपराधी समूह 'सामाजिक आतंक' फैलाते हैं और देश के कई हिस्सों में सार्वजनिक सेवाओं को बाधित करते हैं। लेकिन ये अमेरिकी कानून में तय उन मानदंडों को पूरा नहीं करते, जिनके आधार पर किसी संगठन को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित किया जाता है।
उन्होंने कहा, “ये संगठन अमेरिका पर हमला नहीं करते और न ही उसकी संप्रभुता को प्रभावित करते हैं। हमारा मानना है कि यह कानूनी शर्तों की जबरन और गलत व्याख्या है।”
ब्राजील सरकार इस कदम से होने वाले किसी भी संभावित आर्थिक नुकसान को रोकने और 'पिक्स' की सेवाओं को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रही है। 'पिक्स' ब्राजील के केंद्रीय बैंक की ओर से शुरू की गई एक मुफ्त डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जो आज ब्राजील के लोगों के लिए लेन-देन का सबसे लोकप्रिय तरीका बन चुकी है।
डुरिगन ने इस मुद्दे को अमेरिका की ओर से शुरू किए गए एक व्यापारिक विवाद से भी जोड़ा। यह विवाद सेक्शन 301 के तहत शुरू किया गया है, जो वाशिंगटन को कथित अनुचित व्यापारिक प्रथाओं की जांच करने की अनुमति देता है।
मंत्री के अनुसार, 'पिक्स' भी उन शिकायतों में शामिल है जो अमेरिकी अधिकारियों ने उठाई हैं। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े कुछ अन्य मुद्दे भी चर्चा में हैं।
उन्होंने कहा कि अनुचित व्यापारिक प्रथाओं के आरोपों का कोई ठोस तकनीकी आधार नहीं है। साथ ही उन्होंने चिंता जताई कि अमेरिका के नए कदमों का ब्राजील की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। यह चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अगस्त 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) लगाया था, जो लगभग चार महीने तक लागू रहा था।