नई दिल्ली: राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा, ‘यह महिला आरक्षण बिल महिलाओं को सशक्त नहीं बनाएगा. यह शर्मनाक कानून है, पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे. यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है.’

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिला आरक्षण संशोधन बिल यानी 131वें संविधान संशोधन बिल पर चर्चा की शुरुआत करते हुए आज (शुक्रवार, 17 अप्रैल को) कुछ ऐसा कहा कि सदन में सदस्यगण ठहाका लगाने लगे. दरअसल, हुआ ये कि जैसे ही राहुल गांधी इस बिल पर अपनी बात कहने के लिए खड़े हुए तो लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें टोकते हुए पूछ दिया कि हाथ में क्या हुआ? इस पर राहुल ने कहा कि चोट लगी है. इसके बाद राहुल गांधी बिल पर बोलने का मौका देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और अपनी बात कहनी शुरू कर दी. 

राहुल ने कहा कि आज राष्ट्रीय परिदृश्य में महिलाएं सेंट्रल फोर्स हैं और वह ड्राइविंग फोर्स बन चुकी हैं. कांग्रेस सांसद ने कहा कि यहां मौजूद हम सभी ने महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है. हम सभी के जीवन में मां-बहन के रूप में महिलाएं हैं. राहुल ने कहा, "माता, बहन, पत्नी और अन्य रूपों में महिलाओं ने हमारे जीवन को बहुत प्रभावित किया है. हालांकि, पीएम और मेरी तो पत्नी ही नहीं हैं." इतना सुनते ही सदन में लोग ठहाका लगाने लगे और राहुल गांधी भी मुस्कुराने लगे. उस समय सदन का माहौल बिल्कुल हल्का हो गया. 

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपनी ताकत घटने से डर रही है. इनके लिए संविधान से ऊपर मनुवाद है. सरकार को सच्चाई अच्छी नहीं लगती. बीजेपी जानती है कि यह बिल वह वास्तव में पारित नहीं करा सकती. यह घबराहट में आया रिएक्शन है. इस बिल के जरिये देश का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है और प्रधानमत्री जी यह संदेश देना चाहते हैं कि वह प्रो-वीमेन हैं. मैजिशियन ऑफ बालाकोट, मैजिशियन ऑफ बालासोर, मैजिशियन ऑफ ऑपरेशन सिंदूर... राहुल गांधी की इस बात पर संसद में जोरदार हंगामा हुआ. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि देश की 140 करोड़ आबादी ने प्रधानमंत्री बनाया है. विपक्ष के नेता को इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की ओर से पीएम के लिए कहे गए शब्दों की निंदा की और कहा कि मैजिशियन कह-कहकर के ये किसी व्यक्ति का अपमान नहीं कर रहे. यह देश की जनता का अपमान कर रहे हैं. राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी से देश की जनता से माफी मांगने की मांग की.

राहुल गांधी की स्पीच के दौरान लोकसभा में जोरदार हंगामा हुआ. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बयान पर आपत्ति की और कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था. राहुल गांधी ने अपनी बात पर यील्ड करने से इनकार कर दिया और कहा कि आदिवासियों को हिंदू कहते हो, और उनको जगह नहीं देते. राहुल गांधी ने जादू की कहानी सुनाते हुए कहा कि एक गलती की उसने और उसके बाद वह जादू कर ही नहीं पाया. मेरी दादी ने गार्डेन में एक बात और समझाई थी मुझे. उन्होंने कहा था कि असली ताकत होती है, वह झुककर काम करती है. अपने आपको दिखाती कभी नहीं है. हर कोई जानता है जादूगर और बिजनेसमैन.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि पहला सच तो ये है कि ये महिला आरक्षण बिल नहीं है. महिला आरक्षण बिल तो 2023 में पारित हो चुका. उन्होंने कहा कि ये बिल देश का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है. यह बिल एससी-एसटी और ओबीसी के खिलाफ है, उनके अधिकार छीनने का एजेंडा है. सरकार डरी हुई है. ये काम असम और जम्मू कश्मीर में कर चुके हैं, अब सरकार यही पूरे देश में करना चाहती है. इस बिल का महिला सशक्तिकरण से कोई मतलब नहीं है. आप सत्ता हथियाने की कोशिश में हैं. ये बिल राष्ट्रविरोधी है. हम सरकार को ये नहीं करने देंगे. दक्षिण और उत्तर भारत के साथ भेदभाव हो रहा है. दलित और आदिवासी की भागीदारी कम हो रही है.
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा हो रही है. इस बिल पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी बोल रहे हैं. राहुल गांधी जब बोलने के लिए खड़े हुए, स्पीकर ने उनसे पूछा कि हाथ में क्या हुआ. स्पीकर के सवाल पर विपक्ष के नेता ने कहा कि चोट लग गई है सर. अंगूठे में चोट लग गई है. इसके बाद राहुल गांधी ने अपनी बात शुरू की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिदृश्य में महिलाएं सेंट्रल फोर्स होती हैं. हम सभी के जीवन में मां-बहन के रूप में महिलाएं हैं. उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि कल जब वह स्पीच दे रही थी, पांच मिनट में वह किया जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया. अमित शाह के चेहरे पर स्माइल आ गई.

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