Bhoranj. भोरंज। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भोरंज खंड द्वारा संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में लदरौर में विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 100 से अधिक स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लेकर अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि सेवानिवृत्त कर्नल अशोक ठाकुर रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सेना सीमाओं की रक्षा करती है और संघ समाज की आत्मा की रक्षा करता है। जब दोनों शक्तियां साथ चलेंगी, तो भारत को जगतगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वबोध और नागरिक कत्र्तव्य को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए पूर्व सैनिकों का आह्वान किया कि वे समाज में लौटकर संघ से जुड़ें और सांस्कृतिक व सामाजिक अखंडता की रक्षा में योगदान दें। मुख्य वक्ता के रूप में बिलासपुर विभाग के संपर्क प्रमुख जगवीर चंदेल ने शस्त्र पूजन एवं शक्ति उपासना की परंपरा, डा. केशवराव बलिराम हेडगवार के जीवन एवं संघ स्थापना, संघ की शताब्दी यात्रा, विशेष कार्यक्रमों तथा पंच परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्यह शताब्दी वर्ष केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में संकल्प पर्व है। लदरौर से बरोटा चौक तक अनुशासित पंक्तियों में पथ संचलन किया।