Imphal इंफाल। मणिपुर के सेनापति जिले में सोमवार को दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया और दो घरों में आग लगा दी गई। इस घटना के बाद विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए और नेशनल हाईवे-2 पर नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नागा और कुकी आदिवासी समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बीच तापहो गांव में नई हिंसा की खबर मिली है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, पड़ोसी कांगपोकपी जिले के तापहो कुकी गांव में एक घर में आग लगा दी गई और इसके बाद सेनापति जिले के नागा तापहो गांव में एक और घर जला दिया गया। तापहो नागा गांव में दो समूहों के बीच गोलीबारी के दौरान सीआरपीएफ के 36वीं बटालियन के सब-इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) प्रदीप सिंह के बाएं पैर में गोली लग गई। अधिकारी ने बताया कि उन्हें इलाज के लिए सेनापति जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में उनके खतरे से बाहर होने की जानकारी मिली।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गोलीबारी की घटना अलग-अलग समुदायों के सदस्यों के दो घरों को जलाने के बाद हुई। खबरों के मुताबिक, एक घर कुकी निवासी का था, जबकि दूसरा घर पोउमाई नागा समुदाय के सदस्य का था। आगजनी और उसके बाद हुई गोलीबारी के कारणों का तुरंत पता नहीं चल सका। इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान के बारे में भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हिंसा के बाद स्थिति को और बिगड़ने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तापहो और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। इन घटनाओं के कारण सेनापति में विरोध प्रदर्शन भी हुए, जिसमें स्थानीय लोग सेनापति गेट के पास जमा हुए और सड़क पर जलती हुई लकड़ियां, टायर और मलबा डालकर नेशनल हाईवे-2 को जाम कर दिया। इस जाम से इंफाल-दीमापुर हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
तापहो विलेज अथॉरिटी ने कुकी समुदाय के व्यक्ति के घर को जलाने की कड़ी निंदा की और मांग की कि दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अथॉरिटी के बयान के अनुसार, आगजनी में कथित तौर पर शामिल लोगों को सामने आने और कुकी पारंपरिक कानून के तहत मामले को सुलझाने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है।
कुछ निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि हथियारों से लैस कुकी समूह लियांगमाई नागा गांव पर हमला कर रहे थे। इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। वहीं, सुरक्षा बल स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं, जबकि संवेदनशील इलाके में और घटनाओं को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच, इस घटना के कारण सोमवार को नेशनल हाईवे-2 से होते हुए इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी रूट पर मणिपुर, नागालैंड और असम के बीच अंतर-राज्यीय सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। मणिपुर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार, सेनापति जिले के तापहोऊ गांव में पैदा हुए हालात की वजह से गाड़ियों के निकलने में देरी हुई।
सरकार की समय पर दखल और लोगों के सहयोग से स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सका और गाड़ियां सोमवार सुबह के बजाय दोपहर में दीमापुर (नागालैंड) और असम के गुवाहाटी के लिए रवाना हुईं। इस घटना में शामिल दोनों पक्ष इलाके में शांति बनाए रखने पर सहमत हो गए हैं। गाड़ियों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाईवे के संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षा बलों के पर्याप्त सुरक्षाकर्मी और रोड ओपनिंग पार्टियां (आरओपी) तैनात की गई हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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