Coimbatore कोयंबटूर। तमिलनाडु के कोयंबटूर दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है और इसका जवाब देना राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि कोयंबटूर और तमिलनाडु आना हमेशा उनके लिए खुशी और संतुष्टि का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को हमेशा एकजुट रहना चाहिए और देशहित के मुद्दों पर मिलकर खड़ा होना चाहिए।
सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारत की आवाज को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाने के लिए देशवासियों के बीच एकता बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे देश की सुरक्षा और विकास के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएं। छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक विषय बन चुका है और राजनीतिक दलों के नेता ही इस पर अपनी बात रखने के लिए उचित मंच पर हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर मुद्दे पर चर्चा जरूरी है, लेकिन छात्रों की भूमिका देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण है।
गौरतलब है कि देश में विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विपक्षी दल भी इन मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उपराष्ट्रपति ने अपने बयान में छात्रों को किसी भी विवाद से ऊपर उठकर देश की एकता और प्रगति में योगदान देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उनका सकारात्मक योगदान भारत को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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