केरलम में आज से UDF सरकार, वीडी सतीशन ने ली CM पद की शपथ
मंत्री भी ले रहे शपथ.
VD Satishan: केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली नई यूडीएफ सरकार का शपथ ग्रहण समारोह शुरू हो गया है, जहां कांग्रेस अध्याक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की. उनके साथ पूरी 20 सदस्यीय कैबिनेट भी एक साथ शपथ ग्रहण करेगी. ये केरल में लगभग छह दशक बाद ऐसा मौका होगा, जब मुख्यमंत्री पूरे मंत्रिमंडल के साथ एक साथ शपथ लेंगे.
ये विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ
सतीशन के साथ शपथ लेने वाले 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और केपीसीसी प्रमुख सनी जोसेफ के साथ-साथ मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सीपी जॉन, एपी अनिल कुमार, टी सिद्दीकी, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदू कृष्णा, एम लिजू, केए तुलसी और ओजे जनीश भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे.
यूडीएफ के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को इस सरकार में भारी तवज्जो दी गई है. आईयूएमएल को नए मंत्रिमंडल में पांच मंत्री पद मिले हैं. लीग की तरफ से पीके कुन्हालीकुट्टी, पीके बशीर, एन शम्सुद्दीन, केएम शाजी और वीई अब्दुल गफूर मंत्री के रूप में शपथ लेंगे.
विधानसभा अध्यक्ष होंगे राधाकृष्णन
सतीशन ने रविवार को ये भी घोषणा की कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थिरुवनचूर राधाकृष्णन विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे, जबकि शनिमोल उस्मान उपाध्यक्ष होंगे. विधायक अपू जॉन जोसेफ को सरकार का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है.
कैबिनेट के गठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को मुख्य आधार बनाया गया है. वीडी सतीशन ने स्वीकार किया कि कांग्रेस के 63 विधायकों में कई योग्य और वरिष्ठ नेता शामिल हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई है. उन्होंने इसके लिए दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ वास्तविकताओं और मानदंडों के कारण सभी योग्य चेहरों को शामिल करना संभव नहीं था. हालांकि, इस 20 सदस्यीय टीम में अनुसूचित जाति (SC) के दो सदस्यों को शामिल किया गया है और महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है.
UDF की शानदार जीत
आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने ऐतिहासिक और एकतरफा जीत दर्ज की है. राज्य की कुल 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 102 सीटों पर कब्जा जमाया है. इसमें मुख्य पार्टी कांग्रेस 63 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, जबकि सहयोगी दल आईयूएमएल ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की है. दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ वामपंथी गठबंधन (LDF) महज 35 सीटों पर सिमट गया है. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी तीन सीटों पर जीत हासिल की है.