उफनते नाले में बह गए दो युवक, सुबह मिले शव, इलाके में सनसनी
जांच में जुटी पुलिस
बागली/देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सतवास थाना क्षेत्र के कोथमीर रपटे पर उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहे बाइक सवार दो युवक तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। कई घंटों की मशक्कत के बाद शुक्रवार सुबह दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है और मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान कन्नौद निवासी 34 वर्षीय धर्मेंद्र और 24 वर्षीय अमित के रूप में हुई है। दोनों युवक पीपलकोटा स्थित एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे। गुरुवार शाम काम खत्म करने के बाद वे बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीपलकोटा और कोथमीर के बीच स्थित खेत वाले रपटे पर पहुंचे, जहां लगातार बारिश के कारण नाला उफान पर था और पानी तेज गति से बह रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के मुताबिक, रपटे पर पानी का बहाव काफी तेज था।
आसपास मौजूद लोगों ने दोनों युवकों को आगे बढ़ने से रोकने और पानी कम होने तक इंतजार करने की सलाह भी दी थी। ग्रामीणों ने उन्हें खतरे के प्रति आगाह करते हुए रपटे को पार नहीं करने की बात कही थी, लेकिन दोनों युवक जल्द घर पहुंचने की कोशिश में आगे बढ़ गए। जैसे ही उनकी बाइक रपटे के बीच पहुंची, तेज बहाव ने संतुलन बिगाड़ दिया और देखते ही देखते दोनों युवक बाइक सहित नाले में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद सतवास थाना पुलिस, कन्नौद पुलिस तथा एसडीआरएफ देवास की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अंधेरा होने और लगातार बारिश के बावजूद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
पुलिस, एसडीआरएफ जवानों और ग्रामीणों ने रातभर नाले और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाश अभियान चलाया। रेस्क्यू टीम को सबसे पहले घटनास्थल से कुछ दूरी पर युवकों की बाइक बरामद हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दोनों युवक तेज बहाव की चपेट में आ गए थे। इसके बाद खोज अभियान को और तेज किया गया। शुक्रवार सुबह धर्मेंद्र का शव घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मिला, जबकि अमित का शव लगभग 6 से 7 किलोमीटर दूर नाले के किनारे बरामद किया गया। दोनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सतवास शासकीय अस्पताल भेजा गया।
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में गमगीन माहौल देखने को मिला। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इस बीच कन्नौद-खातेगांव विधायक आशीष शर्मा भी सतवास शासकीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। विधायक ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और शासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए।
लगातार बारिश के कारण जिले के कई नाले और रपटे उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले रपटों को पार करने का जोखिम न उठाएं। अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। मानसून के दौरान विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है ताकि इस प्रकार की दुखद घटनाओं से बचा जा सके। यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि बारिश के मौसम में उफनते नालों और रपटों को पार करना कितना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।