कांवड़ यात्रा के चलते स्कूलों में अतिरिक्त छुट्टी

Update: 2026-08-01 08:51 GMT

उत्तर प्रदेश  :   कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़, यातायात व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के कासगंज जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी (डीएम) के निर्देश पर जिले में सभी बोर्डों के 12वीं तक के स्कूलों को पूरे सावन महीने में प्रत्येक शनिवार और सोमवार को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इस निर्णय के बाद छात्रों की नियमित कक्षाएं सप्ताह में केवल चार दिन ही संचालित होंगी, जबकि शनिवार और सोमवार को प्रशासनिक अवकाश रहेगा। रविवार को पहले से निर्धारित साप्ताहिक अवकाश होने के कारण लगातार तीन दिनों तक स्कूल बंद रहेंगे।

जिला प्रशासन के इस आदेश को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को भेज दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी विद्यालयों को इसका कड़ाई से पालन करना होगा। यदि कोई स्कूल प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालय संचालकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश का पालन सुनिश्चित करें और इसकी जानकारी अभिभावकों तथा विद्यार्थियों तक भी पहुंचाएं।

प्रशासन के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान जिले के प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। इसी वजह से कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया जाता है, जिससे सामान्य यातायात प्रभावित होता है। ऐसे में स्कूल आने-जाने वाले छात्रों और अभिभावकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सावन महीने में शनिवार और सोमवार को अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।

उत्तर प्रदेश डीएम के आदेश के अनुसार सावन महीने के दौरान एक, तीन, आठ, 10, 15, 17, 22 और 24 जुलाई को जिले के सभी बोर्डों के 12वीं तक के विद्यालयों में नियमित कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाएगा। हालांकि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी विद्यालयों में राष्ट्रीय ध्वजारोहण और अन्य निर्धारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दिन विद्यालय खुले रहेंगे और राष्ट्रीय पर्व से जुड़े सभी कार्यक्रम पूर्व निर्धारित रूप से संपन्न होंगे।

हालांकि छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया गया है, लेकिन शिक्षकों और विद्यालय के प्रधानाचार्यों को इस दौरान स्कूल में उपस्थित रहना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवकाश केवल विद्यार्थियों की कक्षाओं के लिए रहेगा। शिक्षकों को विद्यालय में रहकर आवश्यक प्रशासनिक कार्य, अभिलेखों का रखरखाव, शैक्षणिक योजना, मूल्यांकन और अन्य विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। इससे स्कूलों का नियमित प्रशासनिक कार्य प्रभावित नहीं होगा।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी बोर्ड, विश्वविद्यालय, कॉलेज अथवा आयोग की पूर्व निर्धारित परीक्षाओं पर इस आदेश का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यदि किसी परीक्षा की तिथि पहले से तय है तो उसका आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अलग से प्रबंध करेगा। इसलिए परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

जिला प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु जिले से होकर गुजरते हैं, जिससे मुख्य सड़कों पर भारी भीड़ रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों और स्कूली वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी हो सकती है। प्रशासन चाहता है कि इस अवधि में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी यातायात संबंधी समस्याओं का कम से कम सामना करना पड़े।

प्रशासन ने अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की है और कहा है कि वे अवकाश संबंधी आदेश का पालन करें तथा बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें। वहीं, शिक्षा विभाग लगातार विद्यालयों की निगरानी करेगा ताकि आदेश का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रहेगी, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी प्रशासन को सुविधा मिलेगी।

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