Market. मंडी। जिला मंडी में मुस्लिम समुदाय द्वारा ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार बेहद श्रद्धाए हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर शहर की ऐतिहासिक मंगवाई तथा जेलरोड स्थित जामा मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई। जहां सुबह से ही नमाजियों का तांता लगा रहा। नमाज के दौरान मस्जिदों में भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने शीश नवाकर देश और प्रदेश की सुख.समृद्धि, खुशहाली, अमन-चैन तथा मजबूत सामाजिक सौहार्द के लिए अल्लाह से खास दुआएं मांगी। नमाज के संपन्न होते ही मस्जिदों के बाहर और भीतर बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिला, जहां सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद मुबारक कहा और खुशियां बांटीं। त्योहार को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में भारी उत्साह देखा गया। मुस्लिम वेलफेयर कमेटी मंडी के वरिष्ठ सदस्य इकबाल अली ने इस अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि ईद-उल-अजहा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि यह त्याग, सर्वोच्च बलिदान और ईश्वर के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह पावन त्योहार हमें इंसानियत के मार्ग पर चलने, सेवा भाव रखने और समाज के जरूरतमंद व गरीब तबके की हरसंभव सहायता करने का संदेश देता है। जेलरोड स्थित जामा मस्जिद के इमाम खान ने इस पर्व के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म के सबसे प्रमुख और मुकद्दर त्योहारों में से एक हैए जिसका सीधा संबंध हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की महान कुर्बानी से है। नमाज के बाद लोगों ने अपने-अपने घरों में जाकर धार्मिक रीति-रिवाजों को पूरा किया। इस दौरान हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे के घर जाकर ईद की बधाई दी, जो मंडी की गौरवशाली गंगा-जमुनी तहजीब की जीतीजागती मिसाल पेश करता है।