Wadrafnagar. वाड्रफनगर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर पुलिस चौकी ने वाहन चोरी के दो अलग-अलग मामलों का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए लगातार जांच और संदिग्धों की निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को वाहन चोरी के मामलों में महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
पहला मामला वाड्रफनगर चौकी के अपराध क्रमांक 103/2026 से जुड़ा है। नगर पंचायत वाड्रफनगर के वार्ड क्रमांक-9 निवासी सचीव कुशवाहा ने 29 जून 2026 को पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि 24 जून की रात उनके घर के बाहर खड़ी होंडा मोटरसाइकिल क्रमांक CG 30 C 7930 चोरी हो गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305, 117(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास जानकारी जुटाने के साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
विवेचना के दौरान पुलिस को चोरी की घटना में शामिल आरोपियों के संबंध में अहम जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस ने पीपरपान थाना सनावल निवासी समीर ईराकी और संतोष पण्डो को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने वाहन चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर चोरी की गई होंडा मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई।
इसके बाद पुलिस ने वाहन चोरी के एक अन्य पुराने मामले में भी सफलता हासिल की। यह मामला अपराध क्रमांक 135/2025 से संबंधित था, जिसमें 13 जुलाई 2025 को एचएफ डिलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक CG 15 DV 8694 चोरी हुई थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी समीर ईराकी ने चोरी की गई मोटरसाइकिल को मिनवाखाड़ थाना सनावल निवासी उपेन्द्र कुमार को बेच दिया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चोरी की बाइक उपेन्द्र कुमार को 20 हजार रुपये में बेची थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की मोटरसाइकिल बरामद कर ली।
इस मामले में पुलिस ने समीर ईराकी और उपेन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में बरामद की गई मोटरसाइकिलों को विधिवत जब्त किया गया। पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए आरोपियों को 27 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, चोरी के वाहनों की तलाश और पुराने मामलों की समीक्षा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वाड्रफनगर पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें, वाहन लॉक का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।