Kullu. कुल्लू। प्राकृतिक कहर ने धार्मिक नगरी मणिकर्ण में देश के भविष्य को मौत की नींद सुला दिया है। मणिकर्ण में पेड़ के नीचे दबने से जितनी भी मौतें हो गई, वे सभी युवा थे। इनमें पांच देश के तीन राज्यों और एक नेपाली मूल का शामिल था। पहाड़ी से आए पेड़ ने देश के भविष्य की तबाही कर डाली। हरियाणा राज्य के एक संस्थान से एक ग्रुप मणिकर्ण वादियों में घूमने आया था, लेकिन पहाड़ी से टूटे आग से खोखले हुए पेड़ ने ग्रुप के तीन छात्र-छात्राओं को भी आगोश में ले
लिया।

उनकी जिंदगी तबाह कर दी। परिजनों को गहरे जख्म दे गए। मणिकर्ण में हुए इस हादसे ने कुल्लू जिला ही नहीं बल्कि हरियाणा, असम, बंगलुरू को हिला डाला और गहरे जख्म दे गया। घायलों में पल्लवी पत्नी रमेश बाबू, निवासी विजय नगर, बंगलुरू को गंभीर हालात को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया है। पोस्टमार्टम के दौरान सदर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नागराज पवार, पुलिस टीम और अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।
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