नई दिल्ली Delhi: दिल्ली Delhi की तीस हजारी कोर्ट ने स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट Swati Maliwal assaulted के मामले में विभव कुमार को 14 दिनों की पुलिस हिरासत police custody में भेज दिया है. दिल्ली पुलिस Delhi Police ने दलील दी थी कि विभव ने वीडियो भी बनाया और फोन फॉर्मेट भी किया था. दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि 18 मई को विभव को गिरफ्तार किया गया था और इस लिहाज से ‘हम 1 जून तक जरूरत के मुताबिक कभी भी उन्हें पुलिस हिरासत में देने की मांग कर सकते हैं।

विभव के वकील ने मांग की कि कोर्ट के सामने केस डायरी रखी जाए. कोर्ट को केस डायरी को देखना चाहिए कि क्या ये क्रमबद्ध है और उसको देखने के बाद ही मजिस्ट्रेट साहब को उस पर हस्ताक्षर करना चाहिए. इस पर सरकारी वकील ने कहा कि हमारे पास छुपाने को कुछ नहीं है. सारे पेज पहले से ही क्रम में हैं. सरकारी वकील ने सवाल उठाया कि इस केस में ये कोर्ट मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट Metropolitan Magistrate भी जमानत अर्जी पर सुनवाई कर उचित आदेश देने में समर्थ थे लेकिन इन्होंने (विभव ने) जमानत के लिए
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कोर्ट का रुख किया. क्या विभव का केस दूसरे लोगों से अलग है?

सरकारी वकील ने सवाल उठाया कि आरोपी के वकील कैसे जज को निर्देश दे सकते हैं कि वो केस डायरी को देखकर हस्ताक्षर करें. विभव के वकील ने दिल्ली पुलिस की पांच दिन की कस्टडी की मांग का विरोध किया था. दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमको विभव के दूसरे फोन का पता करना है. पता करना है कि क्या उन्होंने घटना का वीडियो बनाया था या नहीं. विभव के वकील ने कहा कि कन्फ्रंट किससे करवाना है ये भी कुछ नहीं पता. दिल्ली पुलिस ने विभव कुमार के टॉर्चर के आरोपों को खारिज किया और कहा कि आरोप गलत है. जब पहली बार कस्टडी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था तो कोर्ट ने यह सवाल पूछा था और परिवार के सदस्यों को मिलने की इजाजत दी गई थी।
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