Hisar हिसार। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 80 किलोग्राम बॉक्सिंग वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल की शानदार उपलब्धि पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता पर पिता सुरेश पंघाल भावुक नजर आए और कहा कि अंकुश ने उनका वह सपना पूरा कर दिया, जिसे वह स्वयं हासिल नहीं कर सके थे। सुरेश पंघाल ने कहा, "अंकुश का पिता होने के नाते आज मैं बेहद खुश हूं। मेरा बेटा मेरे साथ है और उसने वह सपना पूरा किया है, जिसे मैं खुद पूरा नहीं कर पाया था।" उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा और देश के लिए गर्व का क्षण है।
उन्होंने बताया कि अंकुश ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वर्षों तक कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ अभ्यास किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसने कभी हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता रहा। आज उसकी मेहनत का परिणाम पूरे देश के सामने है। सुरेश पंघाल ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे परिवार, कोच और प्रशिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने अंकुश के सभी कोचों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन ने बेटे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने में मदद की।
उन्होंने देश के युवाओं से भी खेलों को अपनाने और पूरी मेहनत के साथ अपने सपनों का पीछा करने की अपील की। उनके अनुसार, यदि खिलाड़ी पूरी लगन और ईमानदारी से मेहनत करें तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए पदक जीतना संभव है।ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अंकुश पंघाल का स्वर्ण पदक भारत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उनकी जीत से भारतीय मुक्केबाजी को नई मजबूती मिली है और देशभर के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।
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