विजय के भाषण से गरमाई तमिलनाडु की सियासत उदयनिधि का तंज ये फिल्म की शूटिंग नहीं
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने थलपति विजय तथा डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के बीच जुबानी जंग तेज होती दिखाई दे रही है। विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय के तीखे भाषण के बाद उदयनिधि ने उन पर तंज कसते हुए कहा कि अगली बार सदन में आने से पहले अच्छी तरह तैयारी करके आना चाहिए। उन्होंने विजय के राजनीतिक अंदाज की तुलना फिल्म की शूटिंग से करते हुए ‘रोल कैमरा एंड एक्शन’ वाला तंज कसा।
सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष और खास तौर पर डीएमके पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाते हुए डीएमके नेताओं पर निशाना साधा। विजय ने कहा कि पिछली सरकार से जुड़े कुछ मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई और पार्टी फंड के नाम पर धन जुटाने के आरोपों का उल्लेख सामने आया है। उनके भाषण के बाद सदन की राजनीति में माहौल गरमा गया।
विजय के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री को विपक्ष की बात सुनने में डरना नहीं चाहिए। उनके मुताबिक, यदि सदन में विपक्ष की प्रतिक्रिया सुनने में परेशानी है तो अगली बार मुख्यमंत्री को बेहतर तैयारी के साथ आना चाहिए। उदयनिधि ने इसी अंदाज में विजय पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘रोल कैमरा एंड एक्शन’ की तरह तैयारी करके संवाद बोलने से राजनीति नहीं चलती।
विधानसभा में भ्रष्टाचार का मुद्दा
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में भ्रष्टाचार को लेकर डीएमके पर सवाल उठाए। उन्होंने पुराने मामलों और जांच एजेंसियों के संदर्भ का उल्लेख करते हुए विपक्ष से जवाब मांगा। विजय का कहना था कि डीएमके ने उनसे पहले लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े विभागों की फाइलें खोलने की चुनौती दी थी और वह इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं।
विजय ने पार्टी फंड से जुड़े कथित लेनदेन का भी जिक्र किया और दावा किया कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई में डीएमके के कुछ नेताओं के नाम सामने आए हैं। हालांकि इन आरोपों को लेकर राजनीतिक पक्षों के बीच मतभेद हैं और आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होगा।
महिलाओं के सम्मान का मुद्दा भी गरमाया
विधानसभा में विजय ने महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बिना नाम लिए उदयनिधि स्टालिन की ओर संकेत करते हुए कहा कि महिलाओं का अपमान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह टिप्पणी अभिनेत्री तृषा कृष्णन से जुड़ी कथित विवादित टिप्पणी के राजनीतिक विवाद के बीच आई है।
इस मुद्दे को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में पहले से ही तनाव बना हुआ है। उदयनिधि की ओर से दिए गए बयान और उसके बाद हुई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने दोनों नेताओं के बीच टकराव को और चर्चा में ला दिया है।
कानून-व्यवस्था पर भी आमना-सामना
विजय सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में उनकी पार्टी टीवीके के एक पदाधिकारी की चेन्नई में हत्या के बाद विपक्ष ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर भी सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
उदयनिधि और विजय के बीच यह टकराव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विजय अब सिर्फ फिल्मी सितारे नहीं, बल्कि सक्रिय राजनीति में प्रमुख चेहरा हैं। विधानसभा में उनके भाषणों और विपक्ष की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि तमिलनाडु की राजनीति में उनकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।
फिलहाल उदयनिधि का ‘रोल कैमरा एंड एक्शन’ वाला तंज राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर और हमले होने की संभावना है। विधानसभा में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और महिलाओं के सम्मान जैसे मुद्दे अब तमिलनाडु की सियासत में बड़े राजनीतिक हथियार बनते दिखाई दे रहे हैं।