सुक्खू सरकार ने लगाए पर्यटन को पंख, टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही कई योजनाएं
Shimla. शिमला। हिमाचल पर्यटन क्षेत्र में एक अहम हस्ताक्षर रखता है। हिमाचल को हर मौसम में पर्यटकों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सशक्त कदम उठाए हैं। धार्मिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हिमाचल को साहसिक पर्यटन के केंद्र के रूप में भी स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश के जलाशयों को लग्जऱी और एडवेंचर टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस कड़ी में गोबिंद सागर झील में पहली बार क्रूज़ शिकारा, हाउस बोट, जेट स्की और वॉटर स्कूटर जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। हमीरपुर जिलाा के नादौन में ब्यास नदी पर एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप तथा शिमला जि़ला की सतलुज नदी पर एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन आकर्षण का केंद्र रहते है।
कांगड़ा जिला का बीड़ बिलिंग दुनियाभर के पैराग्लाइडरों के लिए स्वर्ग के समान है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने के दृष्टिगत कांगड़ा हवाई अड्डे कि विस्तार प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में हेलिपोर्ट बनाए जा रहे हैं। कांगड़ा जिला के देहरा उपमंडल के बनखंडी में 619 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहा दुर्गेश अरण्य वन्य प्राणी उद्यान पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए विशेष आर्कषण का केंन्द्र बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्ट-अप योजना के तहत युवाओं के लिए ऋण पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। युवाओं को शहरी क्षेत्रों में तीन प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में चार प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में पांच प्रतिशत तक ब्याज उपदान की सुविधा मिलेगी।