सड़क पर पानी, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

Update: 2026-07-26 12:24 GMT

उत्तर प्रदेश:  सोनभद्र में लगातार हो रही बारिश के कारण जुगैल क्षेत्र स्थित परेवा नाला एक बार फिर उफान पर आ गया है। नाले में पानी का तेज बहाव आने से चोपन-भरहरी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। शनिवार को नाले का पानी सड़क के ऊपर करीब दो फीट तक बहने लगा, जिसके बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरना मुश्किल हो गया। मार्ग बंद होने से आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के मौसम में परेवा नाला क्षेत्र के लोगों के लिए हर साल बड़ी समस्या बनकर सामने आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान नाले का जलस्तर बढ़ जाता है और कई घंटे तक सड़क पर पानी भरने के कारण आवागमन रुक जाता है। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।

शनिवार को स्थिति उस समय गंभीर हो गई, जब तेज बारिश के बाद नाले का पानी अचानक बढ़ गया। सड़क पर पानी का बहाव इतना तेज था कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। इसके बावजूद कुछ लोग मजबूरी में अपनी जान जोखिम में डालकर नाला पार करने की कोशिश करते नजर आए। कई लोग बाइक को धक्का देकर पानी के बीच से निकालते दिखे।

ग्रामीणों ने बताया कि नाले के दोनों ओर सुरक्षा के लिए न तो बैरिकेड लगाए गए हैं और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। प्रशासन की ओर से कोई कर्मचारी भी तैनात नहीं किया गया है, जो लोगों को खतरे वाले क्षेत्र में जाने से रोक सके। ऐसे में बाहर से आने वाले राहगीरों को नाले की स्थिति की जानकारी नहीं होती और वे जोखिम उठाकर इसे पार करने का प्रयास करते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि परेवा नाला पहले भी कई बार उफान पर आ चुका है। हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द यहां मजबूत पुल या अन्य स्थायी व्यवस्था करे, ताकि बारिश के समय लोगों को परेशानी न हो।

मार्ग बंद होने का सबसे अधिक असर आसपास के गांवों के लोगों पर पड़ा है। स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है, वहीं मरीजों और बुजुर्गों को भी आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा के कामों के लिए चोपन और अन्य क्षेत्रों में जाने वाले ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन भी गुजरते हैं। नाले में पानी भरने के बाद आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ऐसे में समय पर इलाज नहीं मिलने से गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

लोगों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे पहले नाले के दोनों ओर बैरिकेड लगाए जाएं और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि कोई व्यक्ति तेज बहाव के बीच जाने का प्रयास न करे। इसके साथ ही उन्होंने स्थायी समाधान के रूप में पुल निर्माण या जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है।

प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि बरसात के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और हर साल सामने आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। फिलहाल परेवा नाले के उफान के कारण चोपन-भरहरी मार्ग बंद है और लोगों को आवागमन के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Tags:    

Similar News