स्वास्थ्य सेवा सुधार की दिशा में सख्त कदम, निजी प्रैक्टिस पर बैन

कैबिनेट की मंजूरी के बाद डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस होगी बंद

Update: 2026-04-11 14:31 GMT
Patna पटना। बिहार सरकार ने राज्य में कार्यरत सरकारी डॉक्टरों और मेडिकल टीचरों की निजी प्रैक्टिस पर बड़ा फैसला लेते हुए उस पर पूर्ण रोक लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसके तहत एलोपैथिक चिकित्सा प्रणाली के अंतर्गत आने वाले विभिन्न कैडरों के चिकित्सक अब निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।
सरकार के इस फैसले का असर बिहार हेल्थ सर्विसेज़ कैडर, बिहार मेडिकल एजुकेशन सर्विसेज़ कैडर और इंदिरा गांधी हार्ट इंस्टिट्यूट मेडिकल सर्विसेज़ कैडर के डॉक्टरों और फिजीशियन टीचरों पर पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इन सभी श्रेणियों के डॉक्टरों को केवल सरकारी अस्पतालों और संस्थानों में ही सेवाएं देनी होंगी।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कई सरकारी डॉक्टर अपनी ड्यूटी के साथ-साथ निजी क्लीनिकों में भी प्रैक्टिस करते हैं, जिससे अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित होती हैं।
इस फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग अब निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की तैयारी में है ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। वहीं, नियमों के उल्लंघन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी संभावना जताई गई है। राज्य सरकार के इस कदम को स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा और सख्त निर्णय माना जा रहा है।
Tags:    

Similar News