नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के बीच मंगलवार को NDA की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ देशभक्ति के माहौल में हुई। संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग (PLB) में आयोजित इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और NDA के अन्य नेताओं ने तिरंगा लहराया। इसके साथ ही GMC बालयोगी ऑडिटोरियम में ‘वंदे मातरम’ के नारों से माहौल गूंज उठा।
यह 2026 के मॉनसून सत्र के दौरान NDA संसदीय दल की आखिरी बैठक थी। बैठक में सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने संसद में आगे की रणनीति, आपसी समन्वय और सत्र के बचे हुए काम को लेकर चर्चा की।
देशभक्ति के माहौल में हुआ आयोजन
‘मंगल मिलन’ बैठक के दौरान तिरंगा लहराए जाने और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए जाने से संसद परिसर में देशभक्ति का माहौल नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत NDA के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
बैठक में भाजपा के साथ NDA में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं की मौजूदगी रही। साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक का उद्देश्य गठबंधन के घटक दलों के बीच संसद के भीतर बेहतर तालमेल कायम करना है।
इस आयोजन के जरिए NDA नेताओं ने एकजुटता का संदेश भी दिया। बैठक के दौरान नेताओं ने सदन में सरकार की विधायी प्राथमिकताओं और विभिन्न मुद्दों पर साझा रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया।
‘मंगल मिलन’ का उद्देश्य
NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक नियमित रूप से गठबंधन के संसदीय दल के सदस्यों के बीच समन्वय के लिए आयोजित की जाती है। इसमें सदन की कार्यवाही से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और सरकार की विधायी योजनाओं पर चर्चा होती है।
बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य NDA के अलग-अलग सहयोगी दलों के बीच रणनीतिक तालमेल बनाए रखना है, ताकि संसद में सरकार के एजेंडे को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
मॉनसून सत्र के अंतिम चरण को देखते हुए मंगलवार की बैठक को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया। इसमें सत्र के बचे हुए दिनों के लिए विधायी प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने और सदन की रणनीति को लेकर चर्चा की गई।
पीएम मोदी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत NDA के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में संसद के भीतर सरकार और गठबंधन की रणनीति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया। बैठक में सहयोगी दलों के बीच समन्वय और सदन में सरकार के विधायी कामकाज को लेकर चर्चा महत्वपूर्ण रही।
सत्र के बचे काम पर रणनीति
मॉनसून सत्र की आखिरी NDA संसदीय दल बैठक होने के कारण इसमें सदन के बचे हुए काम को लेकर विशेष ध्यान दिया गया। सरकार की ओर से जिन विधेयकों और अन्य विधायी विषयों को आगे बढ़ाया जाना है, उन्हें लेकर गठबंधन के नेताओं के बीच समन्वय पर चर्चा हुई।
संसद में विपक्ष की रणनीति को देखते हुए NDA के लिए भी सदन में एकजुटता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ऐसे में ‘मंगल मिलन’ बैठक के जरिए सहयोगी दलों को आगामी कार्यवाही के लिए साझा रणनीति से अवगत कराया गया।
गठबंधन की एकजुटता पर जोर
NDA के लिए सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय संसद में सरकार के कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अलग-अलग राज्यों और राजनीतिक परिस्थितियों से आने वाले घटक दलों के अपने मुद्दे और प्राथमिकताएं हो सकती हैं। ऐसे में नियमित बैठकें साझा रणनीति तैयार करने में मदद करती हैं।
‘मंगल मिलन’ बैठक में तिरंगा लहराने और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए जाने को गठबंधन की एकजुटता और राष्ट्रीय भावना से जोड़कर देखा गया। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने देशभक्ति के माहौल के बीच बैठक की शुरुआत की।
संसद सत्र के अंतिम चरण पर नजर
2026 के मॉनसून सत्र के अंतिम चरण में सरकार और विपक्ष दोनों की नजर महत्वपूर्ण विधायी मुद्दों पर है। ऐसे में NDA की बैठक में सदन की रणनीति को लेकर चर्चा का महत्व बढ़ गया।
सरकार के सामने अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के साथ-साथ सहयोगी दलों के बीच समन्वय बनाए रखने की चुनौती रहती है। वहीं विपक्ष की ओर से विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की जाती है।
ऐसे माहौल में NDA की साप्ताहिक बैठकें गठबंधन की रणनीति तय करने और सभी सहयोगी दलों को एक मंच पर लाने का काम करती हैं।
आखिरी बैठक में एकजुटता का संदेश
मंगलवार की बैठक में तिरंगा लहराने और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ NDA नेताओं ने देशभक्ति के माहौल में अपनी बैठक पूरी की। प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और नितिन नवीन समेत वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में आयोजित यह बैठक 2026 के मॉनसून सत्र की NDA संसदीय दल की आखिरी ‘मंगल मिलन’ बैठक रही।
बैठक के जरिए गठबंधन ने सदन में आपसी समन्वय बनाए रखने और सत्र के शेष विधायी कार्यों पर साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। अब संसद की आगामी कार्यवाही में NDA की रणनीति और उसके सहयोगी दलों के बीच तालमेल पर नजर रहेगी।