पीएम स्वनिधि योजना के छह साल पूरे, युवा कारोबारी योगराज माली की सफलता बनी मिसाल

Update: 2026-06-01 16:36 GMT
Gandhinagar गांधीनगर: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (पीएम स्वनिधि) के छह वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसके लाभार्थियों की सफलता की कहानियां सामने आ रही हैं। गांधीनगर के युवा कारोबारी योगराज माली की कहानी इस योजना के सकारात्मक प्रभाव और छोटे व्यापारियों के जीवन में आए बदलाव को दर्शाती है। बी.कॉम छात्र योगराज माली गुजरात का पारंपरिक नमकीन स्नैक चोराफली बेचने का छोटा व्यवसाय चलाते हैं। आर्थिक चुनौतियों और सीमित आय के बीच काम को बढ़ाना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन पीएम स्वनिधि योजना से मिली वित्तीय सहायता ने उनके जीवन और व्यवसाय दोनों को नई दिशा दी।
योगराज ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि महामारी के समय उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था और उस दौर में कोई भी आसानी से ऋण देने को तैयार नहीं था। ऐसे समय में सरकार की इस योजना ने उनकी मदद की। योगराज ने बताया कि योजना के तहत शुरुआती चरण में 10 हजार रुपए का ऋण मिला। समय पर ऋण चुकाने के बाद उन्हें 20 हजार रुपए और फिर 50 हजार रुपए का ऋण प्रदान किया गया। इस पूंजी की मदद से उन्होंने अपने काम का विस्तार किया और आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में कदम बढ़ाया। कोविड-19 महामारी के दौरान जब छोटे दुकानदारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया था, तब यह योजना उनके लिए राहत का बड़ा साधन साबित हुई।
उन्होंने कहा कि योजना से मिली सहायता के कारण उनका रोजगार बढ़ा है, आय में सुधार हुआ है और उनके साथ काम करने वाले सात से आठ लोगों की आजीविका को भी सहारा मिला है। व्यवसाय को आधुनिक बनाने के लिए योगराज ने डिजिटल भुगतान प्रणाली को भी अपनाया। उन्होंने जीपे और पेटीएम जैसी डिजिटल सेवाओं का उपयोग शुरू किया, जिससे ग्राहकों को भुगतान में सुविधा मिली। डिजिटल लेनदेन के कारण उनका कारोबार अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हुआ, वहीं कैशबैक जैसे अतिरिक्त लाभ भी प्राप्त हुए।
इस योजना से हम लोगों को काफी फायदा मिल रहा है। रोजगार के लिए पैसे की जरूरत थी, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से हमको पैसा मिल गया तो हमने अपना रोजगार शुरू कर दिया। लाभार्थी विष्णु शाह ने बताया कि हमने एक साल पहले पैसा लेकर अपना काम शुरू कर दिया हूं, इससे हम लोगों को काफी फायदा पहुंचा है। जहां हमारे पास बिल्कुल पैसा नहीं था, वहीं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से पैसा मिलने के बाद काफी बदलाव आ गया है। जरूरत पड़ने पर हम फिर से ऋण ले सकते है।
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