Padhar. पद्धर। मंडी-पठानकोट 154 हाई-वे के कोटरोपी क्षेत्र में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सडक़ पर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी है। स्थानीय एनएचएआई टीम ने पोकलेन मशीनों की मदद से कलवर्ट के निकास स्थान पर जमा मिट्टी-पत्थर डालकर पुली और मार्ग को बहाव से बचाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। एनएचएआई के साइट इंजीनियर अंकित गिल ने बताया कि बरसात के चलते पानी के तेज बहाव से सडक़ और कलवर्ट को और नुकसान होने का जोखिम बना हुआ था। हमने तुरंत स्थल पर पोकलेन और अन्य भारी उपकरण तैनात कर दिए हैं। फिलहाल मिट्टी और पत्थर डालकर अस्थायी सुरक्षा प्रदान की जा रही है, ताकि पानी का बहाव मार्ग को और क्षतिग्रस्त न कर सके। बरसात के थमते ही हम स्थायी मरम्मत कर देंगे, उन्होंने कहा। उन्होंने आगे बताया कि कार्य को निर्बाध रखने के लिए टीम दिन-रात काम कर रही है और मार्ग को खोलकर यातायात को 24 घंटे सुचारु रखने का प्रयास जारी है ताकि क्षेत्रवासियों को असुविधा न हो।
वहीं, मार्ग पर वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने और निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करने का आग्रह किया गया है। स्थानीय लोगों ने एनएचएआई की फौरन कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि मौसम ठीक होते ही मार्ग पूरी तरह से बहाल कर दिया जाएगा। उपमंडल पद्धर के कोटरोपी में आने वाली आपदा से निपटने के लिए पद्धर प्रशासन ने इस बार भी तैयारी कर ली है । प्रशासन ने इस वर्ष भी दोनों और मंडी -पठानकोट जोगिंद्रनगर की तरफ व मंडी पठानकोट, मंडी की तरफ टेंट लगा दिए गए हैं और 4 होमगार्डों की तैनाती भी कर दी गई है। यह होमगार्ड कोटरोपी में आने वाली आपदा से निपटने के लिए रात दिन 24 घंटे लोगों को जागरूक करते रहेंगे। वहीं, अधिक बारिश को देखते हुए एसडीएम पद्धर सुरजीत सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कोटरोपी का दौरा कर घटनास्थल के दोनों ओर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए वह किसी भी आपदा से निपटने के लिए 24 घटे होमगार्ड की तैनाती कर दी है । आपको बता दें कि 13 अगस्त, 2017 में दरके इस पहाड़ के जख्म अब तक नहीं भरे हुए हैं और जैसे ही बरसात का मौसम आने लगता है तो हर कोई सोचने पर मजबूर होता है कि इस बार कोटरोपी में कैसा रहेगा।