Kathmandu काठमांडू: नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बीच राहत की खबर सामने आई है। चीन से नेपाल पहुंचे 53 भारतीय नागरिकों का एक समूह शुक्रवार दोपहर नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंच गया। इस समूह में महाराष्ट्र के 37 लोग शामिल हैं। सभी नागरिकों को सुरक्षित नेपाल पहुंचाया गया है और उनकी आगे की व्यवस्था की जा रही है। जानकारी के अनुसार, ये भारतीय नागरिक नेपाल में फंसे हुए थे और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे थे। राहत एवं बचाव अभियान के तहत इन्हें चीन के रास्ते नेपाल लाया गया। काठमांडू पहुंचने के बाद संबंधित एजेंसियों ने सभी नागरिकों से संपर्क किया और उनकी स्थिति की जानकारी ली।
नेपाल में हाल ही में आई अचानक बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई भारतीय नागरिक भी इस आपदा की चपेट में आए थे। भारत सरकार लगातार अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी और राहत कार्यों के लिए प्रयास कर रही है। इससे पहले भी भारत सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए कई स्तरों पर अभियान चलाया है। विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है।
महाराष्ट्र के 37 नागरिकों के इस समूह के नेपाल पहुंचने के बाद उनके परिजनों को भी राहत मिली है। अधिकारियों की ओर से सभी यात्रियों की सुरक्षा और आगे की यात्रा व्यवस्था को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भारत ने नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में 24 घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। इसके जरिए लोगों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है और जरूरत के अनुसार सहायता पहुंचाई जा रही है।
भारत की ओर से नेपाल को लगातार मानवीय सहायता भी भेजी जा रही है। राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव दलों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने का काम जारी है। नेपाल और भारत के बीच मजबूत सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच लोगों का लगातार आवागमन होता रहता है, जिसके कारण आपदा के समय भारत अपने नागरिकों के साथ-साथ नेपाल की मदद के लिए भी आगे आया है।
अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में मौजूद अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वापसी के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 53 भारतीय नागरिकों का सुरक्षित काठमांडू पहुंचना राहत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि संकट की इस घड़ी में हर भारतीय की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।