Baddi. बद्दी। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में सोमवार सुबह हुई बारिश ने एक बार फिर पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-105 की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। चक्का रोड, ट्रैफिक लाइट चौक, मल्लपुर और झाड़माजरी सहित कई स्थानों पर सडक़ें तालाब में तबदील हो गईं। जलभराव के कारण सडक़ पर बने गहरे गड्ढे पानी में छिप गए, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया वाहन फिसलने से बाल-बाल बचे, जबकि चारपहिया वाहनों को भी धीमी गति से गुजरना पड़ा। सुबह के व्यस्त समय में कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा और लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मामूली बारिश में भी घंटों तक सडक़ पर पानी जमा रहने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
उधर, बद्दी-बरोटीवाला मार्ग पर झाड़माजरी बस स्टैंड क्षेत्र में करीब 10 से 12 वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या सोमवार को फिर सामने आई। बारिश का पानी करीब दस दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को पहले पानी निकालना पड़ा और उसके बाद ही कारोबार शुरू हो सका। व्यापार मंडल झाड़माजरी के प्रधान राजेश कुमार ने कहा कि इस समस्या को कई बार प्रशासन के समक्ष उठाया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि वल्र्ड बैंक परियोजना के तहत सडक़ निर्माण के दौरान जहां सबसे अधिक आवश्यकता थी, वहां समुचित नालियों का निर्माण नहीं किया गया। पहले लोक निर्माण विभाग और बीबीएनडीए समय-समय पर नालियों की सफाई कर देते थे, लेकिन अब किसी एजेंसी द्वारा नियमित रखरखाव नहीं होने से समस्या और बढ़ गई है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले झाड़माजरी सहित एनएच-105 के संवेदनशील हिस्सों में वैज्ञानिक ढंग से ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए और क्षतिग्रस्त सडक़ की मरम्मत कराई जाए, ताकि हर बारिश में होने वाली परेशानी से स्थायी राहत मिल सके।