Ranchi रांची। झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सक्रिय हैं। इसी बीच सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर विधायकों की खरीद-फरोख्त यानी ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की आशंका जताई है।
जेएमएम ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से महागठबंधन के विधायकों पर दबाव बनाने और उन्हें प्रलोभन देने की कोशिश की जा सकती है। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान विशेष निगरानी रखने की मांग की है।
पार्टी के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव के दौरान विधायकों को प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहना चाहिए।
जेएमएम ने अपने पत्र में निर्वाचन आयोग के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और खुफिया एजेंसियों को भी निगरानी बढ़ाने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की अनियमितता या दबाव लोकतंत्र को प्रभावित कर सकता है। राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। अब सभी की नजर चुनाव आयोग और अन्य एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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