चंडीगढ़। नगर निगम के वार्ड नंबर 34 के अंतर्गत आने वाले सेक्टर-45 और 46 के पार्कों की सुंदरता बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू की गई है। दोनों सेक्टरों के विभिन्न पार्कों में आकर्षक पशु आकृतियों वाली टोपियरी लगाई जाएंगी। इससे पार्कों को नया स्वरूप मिलने के साथ बच्चों और स्थानीय निवासियों के लिए इन्हें अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया जाएगा।

रविवार को वार्ड-34 के पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी की मौजूदगी में सेक्टर-45ए स्थित एक पार्क से टोपियरी लगाने के कार्य की शुरुआत की गई। यह पार्क मकान नंबर 127 के सामने स्थित है। कार्यक्रम में आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों, वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों और नारी शक्ति के सदस्यों की भागीदारी रही।

पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने स्वयं उद्घाटन करने के बजाय स्थानीय लोगों को इस पहल से जोड़ते हुए उनके हाथों टोपियरी लगाने के कार्य का विधिवत शुभारंभ कराया। इस दौरान क्षेत्र के नागरिकों ने पार्कों के सौंदर्यीकरण की पहल का स्वागत किया।

गाबी ने बताया कि सेक्टर-45 और 46 के अलग-अलग पार्कों में पशु आकृतियों वाली टोपियरी लगाई जाएगी। इन आकृतियों के माध्यम से पार्कों के मौजूदा स्वरूप में बदलाव किया जाएगा और हरियाली के साथ उन्हें अधिक आकर्षक बनाया जाएगा।

टोपियरी बागवानी की एक विशेष कला है, जिसमें पौधों और झाड़ियों को काट-छांटकर विभिन्न आकर्षक आकार दिए जाते हैं। पार्कों और उद्यानों में पशुओं सहित अलग-अलग आकृतियों वाली टोपियरी लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं।

वार्ड-34 में शुरू किए गए इस कार्य के तहत भी पार्कों में पशु आकृतियों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे पार्कों में आने वाले बच्चों के लिए भी नया आकर्षण तैयार होगा।

पार्षद ने बताया कि अभी तक सेक्टर-45 और 46 के इन पार्कों में इस तरह की पशु आकृतियां नहीं लगाई गई थीं। अब नगर निगम की इस पहल से पार्कों की सुंदरता बढ़ाने के साथ उनके स्वरूप में भी बदलाव दिखाई देगा।

सेक्टरों में रहने वाले लोगों के लिए पार्क सुबह और शाम घूमने, व्यायाम करने और कुछ समय प्रकृति के बीच बिताने का महत्वपूर्ण स्थान हैं। बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक सुबह और शाम पार्कों में पहुंचते हैं। वहीं बच्चे भी खेलकूद के लिए इन स्थानों का इस्तेमाल करते हैं।

ऐसे में पार्कों में नई टोपियरी लगाने से यहां आने वाले लोगों को हरियाली के साथ एक अलग दृश्य अनुभव भी मिलेगा। पशु आकृतियां खास तौर पर बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं।

सेक्टर-45ए के पार्क से कार्य की शुरुआत करने के बाद इसे वार्ड के अन्य चयनित पार्कों तक ले जाया जाएगा। उद्देश्य यह है कि सेक्टर-45 और 46 के विभिन्न पार्कों को चरणबद्ध तरीके से नया रूप दिया जाए।

पार्कों में केवल हरियाली होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित रखरखाव और समय-समय पर सौंदर्यीकरण भी जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पशु आकृतियों वाली टोपियरी लगाने का निर्णय लिया गया है।

स्थानीय निवासियों को भी पार्कों के सौंदर्यीकरण से जोड़ने का प्रयास किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम में आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से पार्कों के विकास में स्थानीय भागीदारी का संदेश दिया गया।

इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया। वार्ड स्तर पर विकास कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी से क्षेत्र की जरूरतों को समझने और सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव में सहयोग मिलने की उम्मीद रहती है।

गुरप्रीत सिंह गाबी के मुताबिक, टोपियरी लगाने से पार्कों को नया और सुंदर रूप मिलेगा। अभी इन पार्कों में इस तरह की आकृतियां मौजूद नहीं थीं, इसलिए नई व्यवस्था लोगों को एक अलग अनुभव देगी।

सेक्टर-45 और 46 में कई पार्क हैं, जिनका इस्तेमाल आसपास के लोग नियमित रूप से करते हैं। इन पार्कों में टोपियरी आकृतियां स्थापित होने के बाद उनका दृश्य स्वरूप बदल जाएगा।

पशु आकृतियों के माध्यम से पार्कों में हरियाली को अधिक रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जा सकेगा। सामान्य पौधों और झाड़ियों के बीच अलग-अलग आकृतियां होने से पार्कों की सुंदरता और बढ़ सकती है।

नगर निगम के स्तर पर शहर के पार्कों और हरित क्षेत्रों का रखरखाव महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। चंडीगढ़ अपनी हरियाली, खुले स्थानों और व्यवस्थित सेक्टरों के लिए जाना जाता है। ऐसे में पार्कों का सौंदर्यीकरण स्थानीय स्तर पर लोगों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है।

वार्ड-34 में शुरू हुई यह पहल भी सार्वजनिक पार्कों को बेहतर बनाने की दिशा में एक प्रयास है। स्थानीय स्तर पर पार्कों को आकर्षक बनाने के साथ उन्हें बच्चों, बुजुर्गों और अन्य नागरिकों के लिए अधिक बेहतर स्थान बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

पार्कों में लगाई जाने वाली टोपियरी का आकर्षण बनाए रखने के लिए नियमित देखभाल भी जरूरी होगी। पौधों की समय-समय पर कटाई-छंटाई और रखरखाव से पशु आकृतियों का स्वरूप बरकरार रखा जा सकेगा।

टोपियरी पौधों को विशेष आकार देने की प्रक्रिया है, इसलिए इन्हें सामान्य पौधों की तुलना में अधिक नियमित देखभाल की आवश्यकता हो सकती है। सही रखरखाव होने पर ये लंबे समय तक पार्क की सुंदरता बढ़ा सकती हैं।

रविवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों की मौजूदगी में इसकी शुरुआत की गई। सेक्टर-45ए में मकान नंबर 127 के सामने स्थित पार्क को इस अभियान के शुरुआती स्थान के रूप में चुना गया।

इस पहल के बाद सेक्टर-45 और 46 के अन्य पार्कों में भी पशु आकृतियां लगाई जाएंगी। इससे अलग-अलग पार्कों में आने वाले लोगों को भी नई सुविधाओं और बदले हुए स्वरूप का लाभ मिलेगा।

पार्कों का सौंदर्यीकरण केवल सजावट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे सार्वजनिक स्थानों के प्रति लोगों का जुड़ाव भी बढ़ सकता है। आकर्षक और व्यवस्थित पार्कों में लोग अधिक समय बिताना पसंद करते हैं।

विशेष रूप से बच्चों के लिए पशु आकृतियों वाली टोपियरी आकर्षण का केंद्र बन सकती है। पार्कों में हरियाली के बीच विभिन्न पशु आकृतियां बच्चों को प्रकृति और पौधों के प्रति आकर्षित करने में भी मदद कर सकती हैं।

वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों और नारी शक्ति के सदस्यों को शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल करने से स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी देखने को मिली। आने वाले दिनों में सेक्टर-45 और 46 के अन्य पार्कों में भी इस काम को आगे बढ़ाया जाएगा।

पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि पार्कों में टोपियरी आकृतियां लगाए जाने से उन्हें नया रूप मिलेगा और सुंदरता में इजाफा होगा। वार्ड के पार्कों में पहली बार इस तरह की पशु आकृतियां लगाने की पहल की गई है।

अब स्थानीय लोगों को सेक्टर-45 और 46 के पार्कों में हरियाली के साथ आकर्षक पशु आकृतियां भी देखने को मिलेंगी। टोपियरी लगाने के काम की शुरुआत के साथ वार्ड में पार्कों के नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण की दिशा में नया प्रयास शुरू हो गया है।

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