ठगी के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 आरोपी चिह्नित, दो गिरफ्तार
म्यूल अकाउंट के जरिए होता था लेनदेन
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में ठगी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को चिन्हित किया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचना दिलीप पांडेय और शुभम शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और मिली जानकारी के आधार पर ‘द रैपिड इन्वेस्टर्स’ के कार्यालय पर दबिश दी थी। यहां से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पूरे मामले में एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि वाले छह बैंक खातों का पता चला है।
पुलिस के मुताबिक, ठगी के मामले में शिकायत मिलने के बाद सबसे पहले दिलीप पांडेय को गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने ‘द रैपिड इन्वेस्टर्स’ के कार्यालय पर दबिश दी। जांच के दौरान दिलीप पांडेय के सहयोगियों के रूप में 11 लोगों को चिन्हित किया गया। इनमें शुभम शर्मा, अहमद राजा, भरत भूषण, नरेश, विजेंद्र, अमित, रमनदीप, नरेंद्र और योगेश सहित अन्य नाम शामिल हैं।
पुलिस ने इस मामले में शुभम शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य चिन्हित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 20 सिम कार्ड, 17 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि ठगी के तरीके, संपर्कों और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकी।
जांच के दौरान पुलिस को छह बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनमें एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन खातों में जमा रकम, लेनदेन और धन के स्रोत की पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित ठगी से प्राप्त रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेजों और बैंक खातों के लेनदेन की पड़ताल के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस अन्य चिन्हित आरोपियों की भूमिका और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। कार्रवाई को लेकर इंदौर के डीसीपी अमन राठौर ने बताया कि इंदौर पुलिस द्वारा जो संदेही बैंक खाते रहते हैं, जिसे हम म्यूल अकाउंट कहते हैं, उनके विरुद्ध लगातार ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को थाना विजयनगर क्षेत्र में सूचना मिली थी कि एक प्रिंसेस स्काइप बिजनेस पार्क के अंकर एक ऑफिस संचालित किया जा रहा है।
इस कंपनी का जो लाइसेंस है, वो एडवाइजरी का है। मतलब ये लोग निवेशकों को एडवाइज कर सकते हैं कि कहां इन्वेस्टमेंट करें। स्वयं पैसा लेकर उसे इंवेस्ट करने का इनको लाइसेंस नहीं है। उन्होंने बताया कि ये जो कंपनी है, ‘द रैपिड इन्वेस्टर्स’ के नाम से ये शुभम शर्मा द्वारा बनाई गई थी, जो मूल रूप से सतना का रहने वाला है।
जब यहां पुलिस ने रेड की तो 6 म्यूल अकाउंट्स वहां पर मिले, उनके पास बुक और चैक बुक मिली थी। इसमें शुभम शर्मा का एक साथी है, दिलीप पांडे, जो की म्यूल अकाउंट्स उपलब्ध कराता है। इसमें निवेशकों का पैसा लिया जाता है। उसके बाद में ये लोग शुरू में कुछ प्रॉफिट दिखाते हैं। बाद में निवेशकों को बताते हैं कि उनका पैसा डूब गया है।