बस गैंगरेप केस में पुलिस को अहम फॉरेंसिक सबूत मिले, DNA रिपोर्ट का इंतजार
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने घटना पर संज्ञान लिया.
नई दिल्ली: दिल्ली में चलती स्लीपर बस में नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप मामले में अहम फॉरेंसिक सबूत मिले हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि बस में पीड़िता और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट मिले हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बस से पीड़िता और दो आरोपियों (बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप) के फिंगरप्रिंट मिले हैं। पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के लिए दोनों आरोपियों के कपड़े भी जब्त कर लिए हैं। बस की सीटों और स्टीयरिंग व्हील से फॉरेंसिक सैंपल लिए गए हैं, जबकि डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है। सूत्रों ने कहा कि जांच अधिकारी घटनाओं का क्रम समझने और पीड़िता के आरोपों की पुष्टि करने के लिए सबूतों की जांच कर रहे हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि इस मामले में पुलिस जल्द ही चार्जशीट भी दाखिल करेगी।
बता दें कि 4 अगस्त को ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके से 16 वर्षीय पीड़िता ने रात में स्लीपर बस से लिफ्ट ली थी। 31 अगस्त को पुलिस ने बताया था कि इसी महीने ग्रेटर नोएडा में एक खाली स्लीपर बस के अंदर ड्राइवर और कंडक्टर ने 16 साल की लड़की के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया था। इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अपनी शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया कि दोनों आरोपियों ने उसका यौन उत्पीड़न किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में उन्होंने उसे दिल्ली में कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों, कुलदीप और संदीप, को उसी दिन तिमारपुर के एक पार्किंग एरिया से गिरफ्तार किया गया था।
बस को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। जांच टीम ने उस रास्ते का सीसीटीवी फुटेज भी जुटाए, जिस पर बस चली थी। घटनाओं का क्रम समझने और कथित घटना के दौरान बस की आवाजाही का पता लगाने के लिए फुटेज की जांच की जा रही है।
इसी बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को इस घटना पर संज्ञान लिया और दिल्ली व गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के पुलिस कमिश्नरों और मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।