Delhi दिल्ली। तिहाड़ जेल में बंद जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक ने अपनी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक से अलग होने की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक यासीन मलिक ने श्रीनगर की टाडा/पोटा अदालत में दाखिल 25 पन्नों के हलफनामे में अपनी निजी जिंदगी और पत्नी से रिश्ते को लेकर कई बातें लिखी हैं। उसने कहा है कि वह पत्नी को निकाह के बंधन से आजाद करना चाहता है।
हलफनामे में यासीन मलिक ने दावा किया कि करीब आठ वर्षों से उसकी पत्नी मुशाल से न तो मुलाकात हुई है और न ही बातचीत। उसने कहा कि वह नहीं चाहता कि मुशाल अपनी बाकी जिंदगी मौजूदा परिस्थितियों के बोझ तले बिताए। उसने पत्नी से सम्मान और उम्मीद के साथ जिंदगी का नया अध्याय शुरू करने की बात कही है।
यासीन मलिक ने हलफनामे में कथित तौर पर लिखा कि मुशाल उससे करीब 20 साल छोटी हैं और उन्हें आगे बढ़कर नई जिंदगी शुरू करनी चाहिए। उसने फांसी पर चढ़ने से पहले पत्नी को निकाह के बंधन से आजाद करने का फैसला करने की बात भी कही। हालांकि यासीन मलिक फिलहाल आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
हलफनामे में उसने अपनी मां और बेटी रजिया सुल्ताना के नाम भी संदेश दिया है। इसके अलावा उसने 1990 के सरला भट्ट
अपहरण
और हत्या मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। उसने खुद को मामले में झूठा फंसाए जाने का दावा किया है। जांच एजेंसी की चार्जशीट में यासीन मलिक को इस मामले के आरोपियों में शामिल किया गया है।
यासीन मलिक और मुशाल हुसैन मलिक की मुलाकात कथित तौर पर 2005 में पाकिस्तान में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और वर्ष 2009 में उनकी शादी हुई। दोनों की एक बेटी भी है। यासीन मलिक के खिलाफ आतंकवाद और उससे जुड़े कई गंभीर मामलों में कानूनी कार्यवाही हुई है। ऐसे में अदालत में दाखिल इस कथित हलफनामे में पत्नी से अलग होने की बात सामने आने के बाद उसकी निजी जिंदगी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
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