Sehore. सीहोर। सीहोर जिले में भोपाल-इंदौर रोड पर रविवार सुबह एक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें ग्राम अमलाहा के पास एक यात्री बस ने खड़े ट्रक से टक्कर मार दी। दुर्घटना में बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार, हादसा अमलाहा के पास भाव खेड़ी जोड़ पर हुआ। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि बीच रोड पर खड़ा ट्रक पीछे से आ रही यात्री बस की चपेट में आ गया। टक्कर से बस की विंड स्क्रीन टूट गई और बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे डिवाइडर से भी टकरा गई।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने बताया कि गनीमत रही कि किसी यात्री को गंभीर चोटें नहीं आईं। बस में सवार सभी यात्रियों की स्थिति सामान्य रही। घायल यात्रियों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया और आवश्यक इलाज मिलने के बाद उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। पूर्व सरपंच दीपक जायसवाल ने हादसे को लेकर बताया कि यह स्थान पहले भी दुर्घटनाओं के लिए जाना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यहां कोई संकेतक बोर्ड या गति नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए हैं। उनका कहना था कि यह रोड खतरनाक है और नियमित यातायात नियंत्रण की जरूरत है।
इस सड़क हादसे ने एक बार फिर से यह सवाल उठाया है कि ग्रामीण इलाकों और मुख्य मार्गों पर यातायात सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए जाते। यातायात खड़े वाहन और तेज गति से चलने वाली बसों के लिए चेतावनी संकेत और सड़क पर सुरक्षा उपाय जरूरी हैं। स्थानीय पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए बस चालक और ट्रक ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा कि भविष्य में इस मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि बस चालक ने खड़े ट्रक को समय रहते नहीं देखा। हालांकि, किसी यात्री की गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन यह हादसा सड़क सुरक्षा की लापरवाही को उजागर करता है। स्थानीय लोग भी सड़क पर संकेतक बोर्ड और गति नियंत्रक उपकरणों की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्थान अक्सर दुर्घटना स्थल बनता है और आने-जाने वाले यात्रियों के लिए खतरा बना रहता है। भविष्य में इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा उपायों को लागू करना प्रशासन की प्राथमिकता बननी चाहिए। लोगों का कहना है कि संकेतक बोर्ड, डिवाइडर और गति नियंत्रण की व्यवस्था न होने के कारण हादसे होते हैं।