राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच तेज, सुप्रीम कोर्ट ने SIT को लेकर दिया बड़ा आदेश

Update: 2026-07-27 11:50 GMT

नई दिल्ली  :   अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस की अध्यक्षता में चार सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी में एक फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों को सुना। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के बाद 25 जुलाई को अधिसूचना जारी कर एसआईटी का गठन किया गया है।

राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि एसआईटी में आईजी किरण एस के अलावा एक डीआईजी रैंक के अधिकारी, एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और एक अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) को शामिल किया गया है। ये अधिकारी मामले की गहराई से जांच करेंगे। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद टीम में पांचवें सदस्य के रूप में फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया जाएगा, जिससे आर्थिक लेन-देन और दस्तावेजों की जांच अधिक प्रभावी तरीके से हो सके।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। अदालत ने एसआईटी को अपनी पहली स्टेटस रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर सौंपने के निर्देश दिए हैं। पीठ ने कहा कि मामले की जांच को आगे बढ़ने दिया जाए और सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत का उद्देश्य मामले की निष्पक्ष, तेज और बिना किसी भेदभाव के जांच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की अच्छी तरह जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा सके।

बता दें कि इससे पहले 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की संभावना के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने एसआईटी के गठन की प्रक्रिया पूरी की।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गठित दूसरी एसआईटी अब केवल चढ़ावे की चोरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे मामले में कथित आपराधिक साजिश के पहलू की भी जांच करेगी। माना जा रहा है कि यह जांच पहले से चल रही स्थानीय पुलिस की जांच से अलग व्यापक स्तर पर की जाएगी।

आईजी किरण एस पहले भी मामले से जुड़ी प्रारंभिक जांच टीम का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में उन्हें मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी पहले से है। एसआईटी जांच के दौरान स्थानीय पुलिस से भी सहयोग लिया जाएगा और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जाएंगे।

अयोध्या में दर्ज एफआईआर के आधार पर स्थानीय पुलिस पहले से मामले की जांच कर रही है। अब एसआईटी इस जांच को आगे बढ़ाते हुए उन सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी, जिन्हें पहले की जांच में शामिल नहीं किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है। अब सभी की नजरें एसआईटी की पहली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसमें जांच की प्रगति और सामने आए तथ्यों की जानकारी दी जाएगी।

Tags:    

Similar News