मणिपुर में फिर हिंसा, घर पर ताबड़तोड़ गोलीबारी, चार लोगों की मौत
संयुक्त ऑपरेशन में नौ संदिग्ध उग्रवादी गिरफ्तार
Imphal. इम्फाल। मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है। रविवार तड़के करीब चार बजे टोलेन गांव में हथियारबंद लोगों ने एक घर को निशाना बनाकर गोलीबारी कर दी। हमले में कुकी समुदाय की महिला ल्हिंगजांगई सिंगसिट की मौत हो गई, जबकि उनके पति और बेटा घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका है। दूसरी ओर सुरक्षा बलों ने अलग-अलग संयुक्त अभियानों में नौ संदिग्ध उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक हथियारबंद लोगों ने तड़के परिवार के घर पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी की चपेट में आने से महिला की जान चली गई, जबकि उनके पति और बेटे को चोटें आईं। घायल पति का इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद परिवार के तीन बच्चों का कुछ समय तक पता नहीं चल पाया था। इससे परिजनों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई। हालांकि बाद में तीनों बच्चों को खोज लिया गया।
हमले को लेकर लगाए गए आरोप
स्थानीय लोगों ने हमले में एनएससीएन-आईएम से कथित तौर पर जुड़े कैडरों और नागा विलेज गार्ड्स की भूमिका का आरोप लगाया है। हालांकि किसी भी सशस्त्र संगठन ने तत्काल इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। ऐसे में हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। टोलेन गांव तामेंगलोंग पश्चिम के तौसेम इलाके में स्थित है। यह दूरदराज का क्षेत्र है और यहां सड़क संपर्क भी कमजोर बताया जाता है। इसी वजह से गोलीबारी के बाद घायलों को इलाज के लिए ले जाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
यह घटना ऐसे दिन हुई जब कुकी समुदाय 13 सितंबर को ‘सहनित नी’ या ‘कुकी ब्लैक डे’ के रूप में मनाता है। यह दिन 13 सितंबर 1993 के जौपी नरसंहार में मारे गए लोगों की याद में मनाया जाता है। उस दौरान तामेंगलोंग और तत्कालीन सेनापति जिले के कुछ हिस्सों में बड़ी संख्या में कुकी नागरिकों की मौत हुई थी। कुकी संगठनों ने उस घटना में भी एनएससीएन-आईएम के कैडरों की भूमिका का आरोप लगाया था।
संयुक्त ऑपरेशन में नौ संदिग्ध उग्रवादी गिरफ्तार
इस बीच मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों के दौरान नौ संदिग्ध उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया है। संयुक्त अभियान में सुरक्षाबलों ने हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है। सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही हैं। उनके नेटवर्क के साथ हाल में हुई हिंसक घटनाओं से किसी संभावित संबंध का भी पता लगाया जा रहा है। ताजा गोलीबारी के बाद तामेंगलोंग और आसपास के संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। तामेंगलोंग और इम्फाल-तामेंगलोंग मार्ग के आसपास इससे पहले भी छिटपुट गोलीबारी और झड़पों की घटनाएं सामने आती रही हैं।
इसके अलावा नाकेबंदी के कारण बड़ी संख्या में ट्रकों के फंसे होने की जानकारी भी सामने आई है। इससे परिवहन और जरूरी सामान की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। फिलहाल टोलेन गांव में हुई गोलीबारी के वास्तविक कारण और हमलावरों की पहचान स्पष्ट होना बाकी है। स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और संयुक्त अभियानों के जरिए संदिग्ध उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।