ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) ने गुरुवार को राज्य के 26 लाख कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को 385 करोड़ रुपये की COVID मदद बांटी. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक हर कंस्ट्रक्शन वर्कर को उसके खाते में 1500 रुपए मिलेंगे. राज्य सरकार ने पिछले साल भी पहली लहर के दौरान हर कंस्ट्रक्शन वर्कर को 1500 रुपए की मदद दी थी.

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा था कि गरीबों को उनके अधिकारों से कोई वंचित नहीं कर सकता. गरीबों को सम्मान के साथ जीने का पूरा अधिकार है. पटनायक ने कहा कि इस सहायता से COVID-19 महामारी के दौरान श्रमिकों को कुछ राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कल्याण के बिना अर्थव्यवस्था कभी भी समृद्ध नहीं हो सकती है. मुख्यमंत्री ने कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को 'विश्वकर्मा' बताया जो दूसरों के आराम के लिए अपनी खुशी का त्याग करते हैं.
राज्य में बढ़ाया गया आंशिक लॉकडाउन
तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है, इसलिए राज्य में आंशिक लॉकडाउन भी बढ़ा दिया गया है. ओडिशा सरकार ने आंशिक लॉकडाउन का विस्तार एक अगस्त सुबह छह बजे तक करते हुए बृहस्पतिवार को यात्री बसों की आवाजाही, नाई की दुकानों और ब्यूटी पार्लरों को संचालित करने की इजाज़त दे दी है. मुख्य सचिव एस सी महापात्र ने कहा कि कोरोना वायरस की स्थिति अब तक 'पूर्ण नियंत्रण' में नहीं आई है, इसलिए आंशिक लॉकडाउन को बढ़ाया गया है.
चौथी बार बढ़ाया गया लॉकडाउन
लॉकडाउन को शुक्रवार को खत्म होना था, राज्य में पांच मई को लॉकडाउन लगाया गया था. महामारी की दूसरी लहर के दौरान यह चौथी बार है कि राज्य सरकार ने लॉकडाउन को बढ़ाया है. महापात्र ने कहा, ओडिशा की दैनिक संक्रमण दर (टीपीआर), जो एक जुलाई को पांच प्रतिशत थी, अब घटकर तीन प्रतिशत से नीचे आ गई है. संक्रमण के दैनिक मामले इस महीने के शुरू में 3,000 आ रहे थे जो घटकर 2,000 हो गए हैं. इसका मतलब है कि स्थिति में पूरी तरह से सुधार नहीं हुआ है.


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