लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय युवा केंद्र (JPNIC) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा के शासनकाल की पहचान दंगे और कर्फ्यू से रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाया, वही अब कानून व्यवस्था और लोकतंत्र की बात कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने JPNIC से जुड़े विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवाद का नाम लेने से कोई समाजवादी नहीं बन जाता, बल्कि समाजवाद की असली भावना जनता की सेवा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में होती है।
JPNIC विवाद पर आमने-सामने भाजपा और सपा
लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) लंबे समय से राजनीतिक विवादों का केंद्र रहा है। समाजवादी पार्टी इसे लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत से जोड़ती है, जबकि भाजपा इसे लेकर सपा की राजनीति पर सवाल उठाती रही है।
अखिलेश यादव कई बार JPNIC को लेकर भाजपा सरकार पर हमला कर चुके हैं। उनका आरोप है कि सरकार समाजवादी विचारधारा और महान नेताओं की विरासत को नजरअंदाज कर रही है।
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि JPNIC जैसे मुद्दों पर राजनीति करने वाले लोगों को अपने शासनकाल का रिकॉर्ड भी देखना चाहिए।
योगी ने गिनाए सपा सरकार के कार्यकाल के मुद्दे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ था और आम जनता परेशान थी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले छोटी-छोटी बातों पर तनाव की स्थिति बन जाती थी और कई जगहों पर कर्फ्यू लगाना पड़ता था। योगी ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर कानून का राज स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में निवेश, विकास और सुरक्षा का माहौल है।
"नाम में समाजवादी जोड़ने से नहीं आता समाजवाद"
इससे पहले भी भाजपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी पर इसी मुद्दे को लेकर हमला बोला है। भाजपा का कहना है कि समाजवाद केवल नाम में जोड़ लेने से नहीं आता, बल्कि गरीबों और कमजोर वर्गों के हित में काम करने से आता है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाजवादी विचारधारा के बड़े नेताओं ने हमेशा लोकतंत्र, पारदर्शिता और जनसेवा की बात की थी, लेकिन आज की सपा उससे अलग रास्ते पर चल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए पुराने नेताओं और प्रतीकों का इस्तेमाल करती है।
अखिलेश यादव ने भी साधा था निशाना
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार भाजपा सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही है।
अखिलेश यादव का कहना है कि JPNIC जैसे संस्थान केवल इमारत नहीं बल्कि विचारधारा और इतिहास से जुड़े प्रतीक हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर समाजवादी विरासत को खत्म करने का आरोप लगाया है।
यूपी की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
JPNIC विवाद ने एक बार फिर भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ा दी है। दोनों दल इस मुद्दे को अपने-अपने नजरिए से जनता के सामने रख रहे हैं।
भाजपा जहां इसे सपा के शासन और कानून व्यवस्था के मुद्दे से जोड़ रही है, वहीं सपा इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और विचारधारा की लड़ाई बता रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों को देखते हुए दोनों दल अपने-अपने मुद्दों को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में नेताओं के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
कानून व्यवस्था बना बड़ा चुनावी मुद्दा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानून व्यवस्था हमेशा से बड़ा मुद्दा रही है। भाजपा अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को गिनाती है।
वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार आंकड़ों और प्रचार के जरिए अपनी छवि बनाने की कोशिश करती है। विपक्ष लगातार महिला सुरक्षा, अपराध और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है।
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