पेपर लीक माफियाओं पर कसता शिकंजा: संशोधन बिल को मिली हरी झंडी

Update: 2026-07-24 09:48 GMT

नई दिल्ली। देशभर में नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ जारी भारी आक्रोश और प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 'पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024' में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान अगले हफ्ते इस संशोधित विधेयक को लोकसभा में पेश करने की तैयारी में है।

लीक माफिया पर शिकंजा: 10 साल की सजा और 10 करोड़ का जुर्माना

संसोधित बिल के जरिए पेपर लीक और नकल कराने वाले संगठित माफियाओं के खिलाफ कड़े प्रावधान किए जा रहे हैं। नए संशोधनों के तहत दोषी पाए जाने वाले पेपर लीक माफिया और गिरोहों के लिए सजा को बढ़ाकर 10 साल की जेल और जुर्माने की राशि को 10 करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव है। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखना तथा धांधली करने वालों के मन में कड़ा खौफ पैदा करना है।

पीएम मोदी का छात्रों के नाम संदेश

कैबिनेट के फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर 2.56 मिनट का एक वीडियो संदेश साझा किया। छात्रों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है, यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।"

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार ने पिछले ढाई महीनों में इस दिशा में कई ठोस कदम उठाए हैं और कई दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। पीएम ने स्पष्ट किया कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा आयोजित कर 19 जुलाई को परिणाम घोषित कर दिए गए। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि पेपर लीक के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और संसद में नया कानून जल्द पास कराया जाएगा।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और सीबीआई जांच जारी

दूसरी ओर, नीट-यूजी पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न छात्र संगठनों और सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पूरी परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधार के साथ-साथ इस विवाद के चलते आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वहीं, लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी 26 दिनों का अनशन कर चुके हैं। इस पूरे मामले में सीबीआई (CBI) की जांच तेजी से चल रही है, जिसके तहत अलग-अलग राज्यों से अब तक 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मौजूदा कानून के प्रावधान

देश में पहले से ही लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है, जिसे 21 जून 2024 से प्रभावी किया गया था। इस कानून के तहत आम पेपर लीक मामलों में 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना, जबकि संगठित गिरोहों के लिए 5 से 10 साल की जेल और 1 करोड़ तक के जुर्माने का नियम है। साथ ही यदि कोई प्राइवेट परीक्षा एजेंसी दोषी पाई जाती है, तो उस पर 1 करोड़ का जुर्माना और 4 साल के लिए बैन लगाने का प्रावधान है। इस कानून के तहत अपराध गैर-जमानती और गैर-समझौतावादी हैं, जिनकी जांच डीएसपी (DSP) स्तर के अधिकारी करते हैं।

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