धान के बीज पर नहीं मिलेगी Subsidy, 229 रुपए प्रति किलो पहुंचे दाम

Update: 2026-06-02 10:04 GMT
Hospice. धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के किसानों को इस वर्ष दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। पहले अप्रत्याशित मौसम के चलते गेहूं की फसल को हुए नुकसान से हुई परेशानी से अभी किसान उबर भी नहीं पाए थे कि अब एक नई समस्या किसानों की नींद उड़ाने का काम कर रही है। गेहूं की फसल के कार्य से मुक्त होने के उपरांत किसान धान की बिजाई के लिए अपने खेतों को तैयारी में लगे हैं। इस वर्ष सरकारी वितरण केंद्रों में धान के बीज में सरकार द्वारा कोई सबसिडी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। गत वर्ष जो धान का बीज 120 से 130 रुपए प्रति किलाग्राम के दाम में उपलब्ध था, उसी बीज के लिए इस वर्ष किसानों को 229 रुपए प्रति किलो की कीमत चुकानी पड़ रही है। ध्यान रहे कि पिछले वर्ष धान के बीज पर सरकार द्वारा 50 प्रतिशत सबसिडी प्रदान की
जा रही थी।


जिसके चलते बीज 120 रुपए प्रति क्रिलोग्राम के लगभग उपलब्ध था। इस वर्ष सरकार द्वारा सबसिडी प्रदान न किए जाने के कारण बीज की कीमत 229 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। इसके अलावा सरकारी वितरण केंद्रों पर धान की केवल एक ही प्रकार स्टार 795 उपलब्ध है। पंजीकृत निजी वितरण केंद्रों में धान के 100, 807 और 90103 जैसे अलग अलग प्रकार के बीज उपलब्ध हैं। कुल मिलाकर वर्ष 2026 किसानों के लिए परेशानी से भरा रहा है। धर्मशाला के साथ लगते गावों के किसानों अर्जित, लोहित, रविकांत, ज्ञानी सिंह व पवन ने बताया कि धान के बीज की अनुपलब्धता व सबसिडी न मिलने के कारण बढ़े हुए दामों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
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