गर्लफ्रेंड और उसके प्रेमी की प्रताड़ना से टूटा युवक, ड्राइवर ने की खुदकुशी

पुलिस कर रही गहरी जांच

Update: 2026-06-25 09:14 GMT
Dehradun. देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों में धोखे, मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कृषि विभाग में कार्यरत एक अधिकारी की गाड़ी चलाने वाले युवक ने कथित तौर पर अपनी गर्लफ्रेंड और उसके प्रेमी द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली। मामले में मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने युवती और उसके कथित प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान पुष्पेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के धौलरी गांव का निवासी था। वह पिछले करीब दस वर्षों से देहरादून में रहकर रोजगार कर रहा था। पुष्पेंद्र कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर की सरकारी गाड़ी चलाता था और शास्त्रीनगर क्षेत्र में किराए के कमरे में रहता था। जानकारी के अनुसार, 16 जून 2026 को पुष्पेंद्र ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना की जानकारी सबसे पहले उसके साथ रहने वाले रूम पार्टनर सुजित ने परिवार को दी। सुजित ने मृतक के भाई आशीष कुमार को फोन कर बताया कि पुष्पेंद्र ने कमरे के अंदर फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही परिजन मुजफ्फरनगर से देहरादून पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और अगले दिन शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद पैतृक गांव में उसका अंतिम संस्कार किया गया। मामले ने नया मोड़ तब लिया जब अंतिम संस्कार और तेरहवीं की रस्मों के बाद परिजनों ने आत्महत्या के कारणों की पड़ताल शुरू की।

मृतक के भाई आशीष कुमार का दावा है कि पुष्पेंद्र ने आत्महत्या करने से पहले एक कागज पर अपनी पूरी पीड़ा और मानसिक स्थिति का जिक्र किया था। यह कथित सुसाइड नोट पुलिस को मिला है, जिसे जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है। परिजनों के अनुसार, जांच में सामने आया कि पुष्पेंद्र का मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की रहने वाली अंजीना सलाम उर्फ अंजू से प्रेम संबंध था। बताया गया कि 24 मई को अंजीना मुजफ्फरनगर में सुजित के बेटे के जन्मदिन समारोह में शामिल होने आई थी, जहां पुष्पेंद्र भी मौजूद था। इसके बाद दोनों करीब एक सप्ताह तक देहरादून में साथ रहे। 28 मई को अंजीना वापस मध्य प्रदेश लौट गई। परिवार का आरोप है कि मध्य प्रदेश लौटने के बाद अंजीना और उसका कथित प्रेमी अलकेश कावडे लगातार फोन के माध्यम से पुष्पेंद्र को परेशान करने लगे। आरोप है कि दोनों उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे और जान से मारने की धमकियां भी देते थे। परिजनों का कहना है कि लगातार तनाव, दबाव और मानसिक उत्पीड़न के कारण पुष्पेंद्र अवसाद में चला गया और अंततः उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।

मृतक के भाई आशीष कुमार ने रूम पार्टनर सुजित पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सुजित को अंजीना और अलकेश द्वारा किए जा रहे कथित उत्पीड़न की जानकारी थी, लेकिन उसने समय रहते परिवार को इसकी सूचना नहीं दी। परिवार का मानना है कि यदि यह जानकारी पहले मिल जाती तो शायद पुष्पेंद्र की जान बचाई जा सकती थी। परिवार की लिखित शिकायत के आधार पर देहरादून के बसंत विहार थाने में 22 जून 2026 की रात एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने अंजीना सलाम और अलकेश कावडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।

जांच अधिकारी एसआई सुनील नेगी को मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस सुसाइड नोट की फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल चैट, तकनीकी साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है और आत्महत्या के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। यह मामला एक बार फिर मानसिक उत्पीड़न, रिश्तों में तनाव और उसके गंभीर परिणामों को लेकर चर्चा में आ गया है। फिलहाल परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।
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